जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम समेत सुकेत व खाटूश्यामजी में चुनाव प्रक्रिया बाकी; 25 सितंबर को होगा महापौर-सभापति चुनाव
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों में लागू आदर्श आचार संहिता मंगलवार को समाप्त कर दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन निकायों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह आदेश जारी किया। हालांकि पांच नगरीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए वहां आचार संहिता आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
राज्य में नगरीय निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 19 अगस्त 2026 को की गई थी। इसके साथ ही प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। इन चुनावों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल थीं तथा कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव कराया गया।
किन 5 निकायों में अभी लागू रहेगी आचार संहिता?
निर्वाचन आयोग के अनुसार पांच नगरीय निकाय क्षेत्रों में निर्वाचन प्रक्रिया अभी जारी है। इनमें शामिल हैं—
नगर निगम जयपुर
नगर निगम जोधपुर
नगर निगम कोटा
नगर पालिका सुकेत
नगर पालिका खाटूश्यामजी
इन पांचों क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू रहेंगे।
25 सितंबर को होगा महापौर और सभापति का चुनाव
इन पांच निकायों में पार्षदों के चुनाव के बाद अब महापौर और सभापति के चुनाव की प्रक्रिया बाकी है। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इन निकायों में 25 सितंबर को महापौर और सभापति का चुनाव होना है। इसके बाद इन क्षेत्रों में भी निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने पर आचार संहिता हटाई जा सकेगी।
19 अगस्त से लागू थी आचार संहिता
राजस्थान निर्वाचन आयोग ने 19 अगस्त को नगरीय निकाय चुनाव का कार्यक्रम जारी किया था। इसके साथ ही सभी 309 नगरीय निकाय क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई थी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पार्षद पदों के लिए मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराया गया था।
आचार संहिता लागू रहने के दौरान स्थानीय निकाय क्षेत्रों में नए विकास कार्यों, शिलान्यास और लोकार्पण समेत कई गतिविधियों पर निर्वाचन संबंधी प्रतिबंध प्रभावी रहे।
अब 304 निकाय क्षेत्रों में सामान्य प्रशासनिक गतिविधियां
304 निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आचार संहिता हटने से इन क्षेत्रों में चुनाव संबंधी प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं। हालांकि प्रशासनिक और विकास संबंधी काम अन्य लागू नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं के अनुसार ही किए जाएंगे।
इस बीच जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े नगर निगमों के साथ सुकेत और खाटूश्यामजी में महापौर/सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी रहेंगी। इन पांचों क्षेत्रों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता लागू रहना महत्वपूर्ण है।



