सबसे ज्यादा कांग्रेस राज में हुए पेपर लीक : अरुण चतुर्वेदी

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अलवर। राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि विपक्ष वास्तव में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर गंभीर है तो संसद में बहस से भागने के बजाय चर्चा करे।

चतुर्वेदी ने सोमवार को अलवर में कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा लगाये जा रहे 152 पेपर लीक के आरोपों की व्यापक जांच होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस राज्य में और किस सरकार के दौरान कितने पेपर लीक हुए।

उन्होंने दावा किया कि सबसे अधिक पेपर लीक कांग्रेस शासन में हुए और राजस्थान इसका सबसे बड़ा केंद्र रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में 17 पेपर लीक हुए थे। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के पेपर लीक से जुड़े पुराने बयान अब भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।

चतुर्वेदी ने विपक्ष पर संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब संसद का सत्र होता है, विपक्ष बहस से बचने का प्रयास करता है। उन्होंने वर्ष 2012 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राहुल गांधी ने अपनी ही सरकार के अध्यादेश को फाड़ दिया था और अब भी लोकतांत्रिक संवाद को बाधित किया जा रहा है। उनके अनुसार संसद में पेपर लीक पर चर्चा होती तो देश के सामने सच्चाई आ जाती कि किन राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक हुए।

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर पूछे गये सवाल के जवाब में श्री चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खुद छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं, इसलिए युवाओं की पीड़ा समझते हैं और उन्होंने राष्ट्रहित में स्वयं इस्तीफा दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द की, जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराकर परिणाम जारी किए।

युवाओं के आंदोलन को लेकर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने त्वरित सुनवाई न्यायालय बनाने की घोषणा करके निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है।

इससे पहले चतुर्वेदी आज अलवर पहुंचे, जहां अंबेडकर नगर स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने संत रविदास जयंती समरसता संकल्प अभियान को लेकर आयोजित भाजपा कार्यशाला में भी शिरकत की।