शिवराज चौहान ने किया ‘ब्लू व्हेल गेम’ से दूर रहने का आह्वान

apno se apni baat - dil se: Shivraj singh Chauhan
apno se apni baat – dil se: Shivraj singh Chauhan

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ फिर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की ‘रमन की गोठ’ और अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ‘दिल से’ कार्यक्रम से आम लोगों को रेडियो, दूरदर्शन के माध्यम से अपना संदेश दे रहे हैं। चौहान ने अपने दूसरे एपीसोड में रविवार को युवाओं से ब्लू व्हेल जैसे गेम से बचने का आह्वान किया।

चौहान ने ब्लू व्हेल का जिक्र करते हुए ऐसे गेम से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि इस काल्पनिक संसार से दूर रहो। यह जिंदगी खराब कर देते हैं। अपनी शक्ति और अपनी क्षमता पहचानो। कभी निराश मत हो। ऊर्जा से भरे रहो। जिंदगी में उतार-चढ़ाव से घबराओ मत। सरकार से भी अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं कहा कि हमेशा माता-पिता का सम्मान करें। आदर करें। माता-पिता जीवन देते हैं तो गुरु जीवन बनाता है, इसीलिए गुरु का सम्मान करें। भारतीय संस्कृति अदभुत है। पूर्वजों के प्रति आदर व्यक्त करने की परम्परा है। इसके साथ ही आतंकवाद, भ्रष्टाचार, गरीबी, गंदगी, सम्प्रदायवाद और जातिवाद मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

चौहान ने थ्री इडियट फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि विषय को रटना नहीं, समझना है। अपनी प्रतिभा का स्वाभाविक विकास होने देना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि बच्चों से स्नेह से पेश आएं, केवल रटवाने से काम नहीं चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई को आसान बनाने के लिए कई पहल की गई है जैसे पहली से बारहवीं तक की किताबें, आठवीं कक्षा तक गणवेश, स्कूल जाने के लिये साइकिल, स्कालरशिप, बारहवीं में 85 प्रतिशत अंक लाने पर लैपटाप, कलेज में एडमिशन लेने पर स्मार्ट फोन। गांवों में जो बेटियां 60 प्रतिशत अंक लाती है वो गांव की बेटी कहलाती है। कालेज की पढ़ाई के लिए अलग से पांच हजार रुपये सालाना मिलते हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के स्किल डेवलपमेंट मिशन की चर्चा करते हुए कहा कि एक तरफ बेरोजगारों की संख्या है और दूसरी तरफ हुनरमंद लोग नहीं मिलते, यदि युवाओं को हुनर दे दें तो रोजगार की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने युवाओं से प्रदेश की योजनाओं में सुधार करने, नई योजनाएं बनाने, प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि ट्विटर, फेसबुक, शिवराज सिंह चौहान एप, एम़ पी़ माय गव़ इन पर सुझाव दिए जा सकते हैं।