पर्थ टेस्ट पर स्पॉट फिक्सिंग का साया

Ashes embroiled in spot fixing allegations
Ashes embroiled in spot fixing allegations

पर्थ। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच जारी एशेज सीरीज के पर्थ में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच पर स्पॉट फिक्सिंग का साया मंडरा रहा है। इंग्लिश अखबर ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक पर्थ टेस्ट स्पॉट फिक्सिंग की गिरफ्त में हो सकता है।

वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने द सन की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि अखबर के अंडरकवर रिपोर्टरों से दो लोगों ने 187,000 डालर स्पॉट फिक्सिंग के लिए मांगे थे, जिसमें यह बात तक शामिल है कि एक ओवर में कितने रन बनेंगे। हालांकि किसी भी खिलाड़ी का नाम अभी तक इसमें नहीं आया है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की भ्रष्टाचार रोधी समिति के प्रबंधक एलेक्स मार्शल ने कहा अभी तक इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि पर्थ टेस्ट पर भ्रष्टाचार का साया है।

ईएसपीएनक्रिकइंफो ने मार्शल के हवाले से लिखा है कि द सन द्वारा की गई जांच संबंधी सभी जानकारी हमारे पास है। हमने आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। इनकी जांच आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी समिति सदस्य देशों के साथ मिलकर करेगी।

उन्होंने कहा कि मेरी शुरुआती जांच के मुताबिक इस तरह के कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं। न ही द सन की रिपोर्ट और न ही हमारी स्वंय की जांच से, यह पता चलता है कि मौजूदा टेस्ट मैच पर भ्रष्टाचार का साया है। अभी तक की जांच पर इस तरह के कोई सबूत नहीं हैं कि मैच में शामिल कोई भी खिलाड़ी फिक्सरों के संबंध में है।

क्रिकेट आस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने भी मार्शल की बात का समर्थन करते हुए कहा है कि खेल को जो भी बदनाम करने की कोशिश करेगा उसके प्रति क्रिकेट आस्ट्रेलिया की जीरो टोलरेंस पॉलिसी है।

उन्होंने कहा कि खेल की अखंडता को बनाए रखने के लिए आस्ट्रेलियाई क्रिकेट प्रतिबद्ध है। क्रिकेट आस्ट्रेलिया की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा ईकाई (एसीएसयू) आस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में भ्रष्टाचार को मिटाने में सक्रिय है।

उन्होंने कहा कि सीए आईसीसी की एसीयू के साथ सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में मिलकर काम करने को तैयार है।