बांसवाड़ा को ‘‘सिटी ऑफ 100 आइलैण्ड’’ स्थापित करने का लक्ष्य

मुम्बई की तरह रैनफाॅल ट्यूरिज्म भी विकसित करने पर विचार

सबगुरु न्यूज. उदयपुर। उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा में बर्डफेयर के आयोजन के साथ ही फोटोग्राफी प्रतियोगिता के माध्यम से फोटोग्राफ आमंत्रित करने तथा इन फोटोग्राफ के आधार पर कॉफी-टेबल बुक प्रकाशित करवाकर देश-प्रदेश में भिजवाई जाएगी ताकि पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

यह निर्णय शनिवार को बांसवाड़ा के माहीडेम स्थित विश्रांति गृह सभागार में जिले में पर्यटन विकास की दृष्टि से आयोजित अधिकारियों और प्रबुद्धजनों की बैठक में हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर भगवतीप्रसाद ने की।
बैठक में उन्होंने कहा कि अगस्त से लेकर फरवरी तक बांसवाड़ा जिला प्राकृतिक सौंदर्य से लकदक रहता है और इस समय में यदि हम पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास करें तो जिले के पर्यटन विकास को पंख लग जाएंगे। कलक्टर ने जिले में मेंगो फेस्टिवल, बेंबू फेस्टिवल जैसे आयोजनों की भी संभावनाओं को रखा।

कलक्टर ने माही बैक वॉटर में स्थित टापुओं को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की आवश्यकता जताई और माही विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेन्द्र वर्मा को इनमें से एक टापू को इसी सत्र में तैयार करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अक्टूबर में इस टापू पर कार्यक्रम रखने के भी निर्देश दिए और कहा कि यदि इस प्रकार से पर्यटन विकास के प्रयास किए जाए तो बांसवाड़ा सही मायने में ‘‘सिटी ऑफ 100 आइलैण्ड’’ बन जाएगा।

बैठक के दौरान पूर्व राजपरिवार के जगमालसिंह ने कहा कि जिले में पर्यटन विकास से जुड़े विभागीय अधिकारियों और रुचि रखने वाले अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को सम्मिलित करते हुए पर्यटन काउंसिंल का निर्माण किया जाए। जगमालसिंह ने जिस तरह मानूसन के दौरान मुंबई में अरब देशों से पर्यटक बारिश को देखने के लिए आते हैं, उसी तरह बांसवाड़ा भी राजस्थान का चेरापूंजी है और यहां पर रैनफॉल ट्यूरिज्म विकसित किया जा सकता है।

उप वन संरक्षक अमरसिंह गोठवाल ने कहा कि शहर के समीप ही श्यामपुरा जंगल में वन विभाग द्वारा जंगल सफारी शुरू की जाएगी और यहां की नैसर्गिक संपदा के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने इस वन क्षेत्र को नेचर पार्क व योगा पार्क के रूप में विकसित करने के लिए बनाई जा रही योजना के बारे में भी बताया।