Warning: Undefined variable $td_post_theme_settings in /www/wwwroot/sabguru/sabguru.com/news/wp-content/themes/Newspaper/functions.php on line 54
अनाथ बच्चों पर बरस रही कैथ्रेडल चर्च की ममता - Sabguru News
Home Breaking अनाथ बच्चों पर बरस रही कैथ्रेडल चर्च की ममता

अनाथ बच्चों पर बरस रही कैथ्रेडल चर्च की ममता

0
अनाथ बच्चों पर बरस रही कैथ्रेडल चर्च की ममता
Father of the Cathedral Church roasting the orphaned children
Father of the Cathedral Church roasting the orphaned children

Father of the Cathedral Church roasting the orphaned children

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित कैथ्रेडल चर्च का इतिहास शहर के कैथोलिक गिरिजाघरों में सबसे पुराना है। यूं तो राजधानी में कई और चर्च भी हैं, लेकिन वर्ष 1860 में बना यह चर्च सबके के आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

खासतौर से क्रिसमस के दिन यहां पयर्टकों की भी काफी भीड़ दिखाई देती है। इस चर्च की सबसे रोचक बात यह है कि यह अनाथालयों में रह रहे लोगों की देखभाल भी सेवाभाव से करता है।

इस गिरिजाघर का इतिहास भी काफी पुराना है। जानने वाले बताते हैं कि ब्रिटिश हुकूमत के अधीन रहे आइरिस मूल के सैनिकों ने वर्ष 1860 में जब चर्च की आधारशिला रखी, तब पहली प्रार्थना सभा में मात्र दो सौ लोग शामिल हुए। चर्च के पहले पादरी के रूप में आइरिस मूल के ग्लिसन की नियुक्ति की गई।

कुत्तो की सबसे खतरनाक ब्रीड्स जो मनुष्य को भी मार कर फाड़ डालें

इसके बाद चर्च के कई पादरी हुए और अब बिशप डॉ़ जेराल्ड मथाइस के साथ फादर डॉ़ डोनाल्ड डिसूजा चर्च की सेवा कर रहे हैं।

यह चर्च शैक्षणिक और चिकित्सा कार्य में अपना योगदान तो दे ही रहा है, साथ ही अनाथालयों में रह रहे लोगों की देखभाल भी पूरी सेवाभाव से कर रहा है।

ट्रैन क़े ऐसे एक्सीडेंट जो आप के होश उड़ा देंगे…

पादरी डॉ़ डोनाल्ड डिसूजा बताते हैं, “शहर में कैथोलिक समुदाय के कदम रखने के बाद पहला चर्च डालीगंज में बना। वहां जगह की कमी के चलते वर्ष 1860 में हजरतगंज में जमीन ली गई। तब यह क्षेत्र शहर के बाहर का इलाका माना जाता था। यहीं पर छोटे से चर्च का निर्माण हुआ। इसके बाद उसी जगह पर वर्ष 1977 में वर्तमान चर्च कैथ्रेडल की बिल्डिंग खड़ी हुई।”

डिसूजा बताते हैं, “इस आर्किटेक्ट के पीछे आध्यात्मिक सोच छिपी थी। इसका आकार उभारने से पहले ही इस पर काफी विचार-विमर्श किया गया था। काफी मंथन के बाद नाव के आकार का यह चर्च तैयार किया गया था।”

आध्यात्मिक सोच को लेकर डिसूजा ने बताया कि कैथ्रेडल चर्च की बनावट यह संदेश देती है कि चर्च रूपी नाव में बैठकर ही स्वर्ग का रास्ता तय किया जा सकता है। कैथ्रेडल चर्च का नाम लैटिन शब्द ‘कतेद्रा’ से लिया गया है। कतेद्रा का मतलब होता है बैठका, जहां कैथोलिक समुदाय के धर्माध्यक्ष बैठते हैं।

दुनिया के सबसे ख़तरनाक लोग जो किसी से नहीं ड़रते..

कैथ्रेडल चर्च ईसाई शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहे गरीब परिवार के बच्चों की फीस माफ कराने के साथ-साथ अनाथालयों में भी अपनी सेवा देता आ रहा है।

पादरी डॉ़ डोनाल्ड डिसूजा के मुताबिक, शहर में सेंट फ्रांसिस और सेंट पल स्कूल जैसे बेहतर शैक्षणिक संस्थान हैं। यहां पढ़ने वाले गरीब बच्चों को फीस में छूट मिलती है। इसके साथ ही सप्रू मार्ग पर प्रेम निवास अनाथालय में रह रहे अनाथों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है।

आपको यह खबर अच्छी लगे तो SHARE जरुर कीजिये और  FACEBOOK पर PAGE LIKE  कीजिए,  और खबरों के लिए पढते रहे Sabguru News और ख़ास VIDEO के लिए HOT NEWS UPDATE