आईपीएल : चेन्नई और राजस्थान पर दो साल का बैन

IPL spot fixing : Chennai super kings and Rajasthan royals get two year ban
IPL spot fixing : Chennai super kings and Rajasthan royals get two year ban

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट द्वारा गठित जस्टिस लोढा कमेटी ने मंगलवार को गुरूनाथ मेयप्पन और राज कुंद्रा को आईपीएल के छठे संस्करण में सट्टेबाजी का दोषी करार देते हुए उनकी संबंधित फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रायल्स पर 2 साल के लिए बैन लगा दिया।

जस्टिस लोढा समिति ने यहां फ्रेंचाइजियों और इसके आरोपी अधिकारियों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। समिति ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) के तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मेयप्पन चेन्नई सुपरकिंग्स के प्रमुख अधिकारी थे और लगातार सट्टेबाजी में लिप्त थे। वह सट्टेबाजों के भी संपर्क में थे और उन्हें सट्टेबाजी में 60 लाख रुपए का नुकसान भी हुआ था।

समिति ने मेयप्पन की दलीलों को खारिज करते हुए उन्हें दोषी करार दिया है जिसके तहत उन्हें क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा राजस्थान रायल्स के सह मालिक राज कुंद्रा के बयान पर असंतोष जताते हुए समिति ने कहा कि कुंद्रा भी लगातार सट्टेबाजों के संपर्क में थे और उन्हें भी क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंधित किया जाता है।

समिति ने साथ ही कहा कि कुंद्रा और मेयप्पन पर बीसीसीआई के किसी भी क्रिकेट मैच में किसी तरह की हिस्सेदारी की अनुमति नहीं होगी। न्यायाधीश लोढा ने कहा कि वर्ष 2013 में आईपीएल के दौरान राजस्थान के तीन खिलाडिय़ों को भी स्पाट फिक्ंिसग का दोषी पाया गया था और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

लेकिन इसके बावजूद भी टीम ने भ्रष्टाचार रोधी गतिविधियों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जबकि कुंद्रा टीम के सह मालिक हैं ऐसे में उनके गलत गतिविधियों में शामिल होने से खेल की छवि और भी खराब हुई है। ऐसे में राजस्थान पर भी 2 साल के लिए प्रतिबंध लगाया जाता है जिससे टीम आईपीएल में हिस्सा नहीं ले सकेगी।

मेयप्पन को लेकर उन्होंने कहा कि मेयप्पन बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष श्रीनिवासन के दामाद हैं जो फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिकाना हक वाली कंपनी इंडिया सीमेंट््स के प्रबंध निदेशक हैं। ऐसे में मेयप्पन साफतौर पर टीम की गतिविधियों में संलिप्त रहते थे और उनकी गतिविधियां मालिक की तरह थी।

लेकिन उनके सट्टेबाजी में आरोपी साबित होने और जेल जाने के बाद भी इंडिया सीमेंट््स ने उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस लिहाज से फ्रेंचाइजी भी अपने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाने की आरोपी है और चेन्नई को भी 2 साल के लिए निलंबित किया जाता है। समिति ने बताया कि टीम पर यह निलंबन इस आदेश के बाद तुरंत प्रभाव से लागू होंगे।