कैंसर के इलाज में सहायक हो सकती है नई रक्त जांच पद्धति

New blood test may transform the way cancer is monitored and treated
New blood test may transform the way cancer is monitored and treated

न्यूयॉर्क। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार की सस्ती मॉलिक्यूलर रक्त जांच पद्धति विकसित की है। इस जांच से कैंसर की वृद्धि व फैलाव का शीघ्र ही पता लगाया जा सकेगा। इस परीक्षण में सिर्फ एक ट्यूब में थोड़े से खून की जरूरत होती है।

इससे खून में कैंसर कोशिकाओं द्वारा जारी किए जाने वाले डीएनए की मात्रा में छोटे आधार पर हुए आनुवांशिक परिवर्तन की पहचान हो सकेगी। इस शोध का प्रकाशन ‘द जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर डॉयग्नोस्टिक’ में किया गया है।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर हैनली पीजी ने कहा कि मरीजों के ट्यूमरों की निगरानी के लिए सिर्फ रक्त परीक्षण की विधि मौजूद है, जो कि सिर्फ कुछ कैंसर के प्रकारों तक सीमित है। करीब सभी कैंसर मरीजों को पूरे शरीर में निगरानी की जरूरत होती है, जो ज्यादा खर्चीली, जटिल व समय लगने वाली प्रक्रिया है।

हैनली ने कहा कि इसके विपरीत मॉलिक्यूलर परीक्षण मरीज के हर बार अस्पताल आने पर संभव है, इसलिए इससे कैंसर की वृद्धि व फैलाव का जल्दी से पता लगाया जा सकता है।