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अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे आदर जैन, अन्या सिंह

Yashraj debutants Aadar Jain & Anya Singh visit holy Ajmer Sharif Durgah
Yashraj debutants Aadar Jain & Anya Singh visit holy Ajmer Sharif Durgah

अजमेर। यशराज फिल्म्स द्वारा लांच किए जा रहे युवा कलाकार आदर जैन और अन्या सिंह अपनी पहली फिल्म ‘कैदी बैंड’ के प्रचार के दौरान अजमेर शरीफ दरगाह भी गए और फिल्म के लिए प्रार्थना की।

राजेश कुमार और मोना लिसा का बिहारी अंदाज

‘काॅमेडी दंगल’ ने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन प्रदान कर और उन पर हंसी एवं मज़ाक की बौछार के साथ साबित किया है कि यह हंसी के अखाड़े से कम नहीं हैं। इस हफ्ते अनु मलिक की अखाड़ा टीम के खिलाड़ी, राजेश कुमार और मोना लिसा अपने बिहारी ऐक्ट से दर्शकों और जजेज़ का मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले।

Mona Lisa & Rajesh Kumar
Mona Lisa & Rajesh Kumar

अपने अनदेखे हुनर का प्रदर्शन करते हुए दोनों ही कलाकार अपने प्रशंसकों का मनोरंजन करेंगे। रोशेश साराभाई की छवि से बाहर आते हुए राजेश कुमार बिल्कुल देसी अंदाज में नजर आयेंगे। भोजपुरी फिल्मों की चर्चित अभिनेत्री मोना लिसा फ्लाॅप भोजपुरी अभिनेत्री की भूमिका निभा रही हैं, जबकि राजेश कुमार एक बदानाम नये हीरो की भूमिका निभा रहे हैं, जो इस फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री मारने की कोशिशों में लगा है।

सेट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ‘‘राजेश और मोना लिसा ने एक मंझे हुए खिलाड़ी की तरह परफाॅर्मेंस दी। चूंकि, दोनों ही पटना से हैं, उन दोनों के बोलने का तरीका और अभिव्यक्ति बिल्कुल परफैक्ट थी। दोनों साथ में ऐसे लग रहे थे जैसे सीधा भोजपुरी फिल्म से यहां पहुंचे गये हैं। उनका ऐक्ट इतना अच्छा था कि उनकी तारीफ केवल जजेस से ही नहीं की, बल्कि उन सारे क्रू मेंबर्स ने भी की, जो शूटिंग के दौरान वहां मौजूद थे।’’

बिहारी अंदाज के साथ मोना और राजेश के बीच का हंसी-मज़ाक दर्शकों को लोट-पोट कर देगा।

निजता के अधिकार पर कोर्ट का फैसला सरकार के लिए झटका : भूषण

Right to privacy : SC ruling against govt stance says Prashant Bhushan
Right to privacy : SC ruling against govt stance says Prashant Bhushan

नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिए जाने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार के लिए झटका है।

पल्लेकेले वनडे : भुवनेश्वर-धौनी ने श्रीलंका के मुंह से छीनी जीत

पल्लेकेले। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (नाबाद 45) ने एक बार फिर बताया है कि उन्हें विश्व का सर्वश्रेष्ठ फिनिशर क्यों कहा जाता है। धौनी ने भुवनेश्वर कुमार (नाबाद 53) के साथ मिलकर पल्लेकेले स्टेडियम में दूसरे वनडे मैच में श्रीलंका के मुंह से जीत छीनते हुए भारत को तीन विकेट से विजयी बनाया।

राजवाड़ा इंदौर की पहचान है अब केफे भड़ास आधुनिक इंदौर की नई पहचान है

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इंदौर में आजकल केफे भड़ास की चर्चा चल रही है। भड़ास भारत का पहला ऐसा केफे है जहां आप अपने तरिके से अपने गुस्से उससे जुड़ी निराशा जलन चिड़चिड़ाहट इत्यादि नकारात्मक भावों को व्यक्त कर सकते हैं। वह भी पूरी सुरक्षा व गोपनीयता के साथ ताकि आपके व्यावसायिक पारिवारिक रिश्तों पर असर न हो।

Rajbwada Is An Identity Of Indore, And Now Bhadaas Café
Rajbwada Is An Identity Of Indore, And Now Bhadaas Café

प्रत्येक शहर की अपनी पहचान होती है। यह पहचान उसकी कुछ विशेषता जैसे एतिहासिक स्मारक, खान पान, मार्केट या अन्य कुछ खासियत से बनती है। इंदौर को मालवा का गोरव और मीनी मुंबई कहा जाता है पर इस शहर का दिल आज भी राजवाड़ा में धड़कता है। राजवाड़ा सिर्फ होल्कर कालीन महल नहीं है यहां के चैक मंे शहर के बाशीदों की जान बसती है। जश्न मनाना हो, विरोध प्रकट करना हो या दुःख मे ंहो सभी अवसरों पर राजवाड़ा पूरे शबाब पर होता है फिर चाहे आधी रात का भी समय होतो उत्साह कम नहीं होता है।

आधुनिक इंदौर में भड़ास केफे शहर ही पहचान बन गया है। भारत का पहला ऐसा केफे है जहां गुस्से को व्यक्त करने की विशेष सुविधा है। यहां पर आप तोड़फोड़ करके, चिल्लाकर अथवा रोकर तो अपना गुस्सा व्यक्त कर सकते हैं परन्तु भड़ास की एक और सुविधा ने इसे विश्व का पहला ऐसा केफे बना दिया है जहां गुस्से को शान्तिपूर्ण तरिके से दूसरी सकारात्मक दिशो में मोड़ा जा सकता है।

भड़ास में सुरक्षा व्यवस्था के साथ आप अकेले में आॅफिस, परिवार दोस्त या प्रिय के प्रति अपने गुस्से को व्यक्त करने के लिए उससे संबंधित सामान पूरी ताकत से तोड़ सकते हैं। रोने, चिल्लाने व अपशब्दों का प्रयोग भी करे तो कोई दूसरा नहीं सुनेगा और मन की भड़ास निकल जाएगी, मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि गुस्सा सबसे अधिक एर्नजी वाला नेगेटिव इमोशन है और इसे सही दिशा में मोड़ दिया जाए तो रचनात्मक एर्नजी बन सकती है। भड़ास में आप संगीत के वाध बनाकर पेन्टीग करके, बचपन के खेलो से या अन्य पसंदीदा काम करके अपनी एर्नजी को सकारात्मक मोड दे सकते हैं। यकिन मानिए इतनी सारी खुबियों के साथ भड़ास आधुनिक इंदौर की पहचान बन गया है जैसे राजवाड़ा के बिना इंदौर की कल्पना नहीं की जा सकती है वैसे ही आने वाले समय में भड़ास के बिना इंदौर अधूरा लगेगा। अपने शहर की इस नई पहचान को देखने और बाहर से आने वालों को दिखाने का तो आपका हक बनता है।

जब कोई भड़ास पर आता है तो स्वयं ही अपने गुस्से को बाहर निकालने के लिए तत्पर हो जाता है। अभी तक इंदौर में आने वाली कई बड़ी हस्तियों ने भड़ास का अवलोकन किया और इसे इंदौर की नई पहचान बताया है।