Home Blog Page 269

एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में लाइन परिचर के पद पर भर्ती

0

एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MPPTCL) ने लाइन परिचर के रिक्त पद पर युवा और अनुभवी उम्मीदवारो से आवेदन मांगे है। यह सुनहरा अवसर है सरकारी नौकरी पाने का। आवेदक ध्यान दे की आवेदक के पास अनुभव हो।आवेदक एक भारतीय होना चाहिए ।

Jharkhand PSC ने प्रोफेसर पद के लिए मांगे आवेदन

ये कर सकते है आवेदन

जिन उम्मीदवारों ने 10वीं पास करली है वह इन पदों के लिए आवेदन कर सकते है।

आवेदन करने की अंतिम तिथि

अंतिम तिथि – 14-1-2018

वेतन

जिन उम्मीदवारों का चयन इन पदों के लिए हो जाएगा उन्हें  13000/-  महीना वेतन दिया जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं

पद का नाम- लाइन परिचर

कुल पद  – 70

अंतिम तिथि – 14-1-2018

स्थान- भोपाल

AGE LIMIT

उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम आयु 40 वर्ष।  आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क:

1000/- रुपए सामन्य, ओबीसी जाति, 800/- अनुसूचित जनजाति के लिए।

ऐसे करें आवेदन

योग्य और इच्छुक उम्मीदवार आवेदन के निर्धारित प्रारूप पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां CLICK करें

भारत में टीबी के सबसे ज्यादा रोगी

0

नई दिल्ली | क्षयरोग (टीबी) के 27.9 लाख मामलों, इस रोग से 42.3 लाख लोगों की मौत और प्रति 1,00,000 लोगों में 211 नए संक्रमणों के कारण भारत इस समय दुनिया में टीबी रोगियों की सबसे बड़ी संख्या वाला देश है।  भारत में एमडीआर-टीबी रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा है और बिना पहचान वाले टीबी रोगियों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे कई लाख मामले हैं, जिनकी पहचान ही नहीं हुई है, न ही इलाज शुरू हुआ और ये लोग अभी तक स्वास्थ्य विभाग के राडार पर ही नहीं हैं।

टीबी एक बेहद संक्रामक बीमारी है। इसका इलाज पूरी अवधि के लिए तय दवाएं सही समय पर लेने से इसे ठीक किया जा सकता है। ड्रग रेजीमैन या दवा के इस पूरे कोर्स को डॉट्स कहा जाता है और इसे संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मुफ्त प्रदान किया जाता है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, “टीबी भारत में जन-स्वास्थ्य की एक प्रमुख चिंता है। यह न केवल बीमारी और मृत्युदर का एक प्रमुख कारण है, बल्कि देश पर भी एक बड़ा आर्थिक बोझ भी है। इसके उन्मूलन के लिए जरूरी है कि 1,00,000 लोगों में एक से अधिक व्यक्ति को इसका नया संक्रमण न होने पाए। यह तभी संभव है जब रोगियों को बिना रुकावट दवा मिलती रहे और उनकी बीमारी का समय पर पता लगा लिया जाए।”

उन्होंने कहा कि इलाज में कोई भी रुकावट तेजी से एमडीआर-टीबी रोगी के जोखिम को बढ़ा सकती है। मिसिंग डोज डॉट्स थेरेपी के उद्देश्य को ही धराशायी कर देती है। पूरा इलाज न होने पर ऐसे मरीज अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं।

डॉ. अग्रवाल ने आगे बताया, “सभी उल्लेखनीय रोगों को डायगनोज, ट्रीट, रिपोर्ट यानी डीटीआर के नियम से निदान, उपचार और रिपोर्ट होनी चाहिए। थूक की जांच व सीने का एक्सरे करके इसका निदान संभव है। फिर जल्दी से उपचार शुरू होना चाहिए। प्रभावी चिकित्सा के साथ ही रिपोर्टिग भी आवश्यक है।”

यहां कुछ सुझाव हैं, जो टीबी संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद कर सकते हैं।

– छींकते, खांसते या हंसते समय अपने मुंह या नाक के पास हाथ रख लें।एक प्लास्टिक बैग में इस्तेमाल किए गए टिश्यू रख लें और उस पैकेट को सील करके कूड़े में फेंके।

– यह रोग होने पर काम पर या स्कूल में न जाएं। दूसरों के साथ निकट संपर्क से बचें।

– अपने कमरे को नियमित रूप से वेंटिलेट करें। टीबी छोटे बंद स्थानों में फैलता है।

 उपन्यासकार और लघु कथा लेखक रविशंकर बाल का निधन

कोलकाता | प्रसिद्ध पत्रकार और बंगाली लेखक रविशंकर बाल का मंगलवार को कोलकाता के एक अस्पताल में बीमारी के चलते निधन हो गया। उपन्यासकार और लघु कथा लेखक 55 साल के रविशंकर  ने 30 से अधिक सालों की अवधि में 15 उपन्यास, 5 लघु कथा संग्रह, कविताएं और कई साहित्यिक निबंध लिखे थे। बाल कुछ समय बीमार थे और उन्हें सोमवार को रेलवे द्वारा संचालित बी. आर सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

1962 में पैदा हुए रविशंकर को अपने उपन्यास ‘द बायोग्राफी ऑफ मिडनाइट’ के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के सुतापा रॉय चौधरी मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अपने उपन्यास ‘दोजखनामा’ के लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से बंकिमचंद्र स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया था।

सर्दियों में घर में यूं बनाए रखें गर्माहट

tips to keeping house warm in winter
tips to keeping house warm in winter

सबगुरु न्यूज। सर्दियों में घर में गर्माहट बनाए रखने के लिए चमकीले, चटख रंग के कुशन इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं या मोमबत्तियां जलाई जा सकती हैं। इससे आपको भी गर्माहट व सुकून का अहसास होगा।

महिलाएं चाहें तो बदलाव संभव : मलाइका अरोडा

Change will happen if women start motivating each other : Malaika Arora
Change will happen if women start motivating each other : Malaika Arora

नई दिल्ली। अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा खान का कहना है कि वह ऐसे घर में पली-बढ़ी हैं, जहां उन्हें हमेशा से खुद को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करना सिखाया गया है और यही उम्मीद वह दूसरों से करती हैं।