
मातृ दिवस पर विशेष : ज्यादा उम्र में मां बनना गलत नहीं

क्या आप श्वेतदाग से परेशान हैं..? तो करें ये घरेलू उपाय और इससे निजात पाएं

सफ़ेद दाग नामक रोग त्वचा से सम्बंधित रोग है | यह रोग, त्वचा के रंग के लिए जिम्मेदार मेलेनिन नामक वर्णक की अलग – अलग मात्राओं में उपस्थिति की वजह से होता है | किसी – किसी में ये वर्णक पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं तो किसी में इसकी मात्रा कम होती है | इस वर्णक की मात्राओं में भिन्नता के कई कारण हो सकते हैं | सफ़ेद दाग नामक रोग से विश्व की लगभग २% जनसंख्या प्रभावित है, जबकि भारतियों एवं मेक्सिकन देशों में इस रोग से लगभग ८% लोग प्रभावित हैं | इस रोग से मनुष्य को शारीरिक रूप से कोई परेशानी नहीं होती इसलिए इस रोग का चिकित्सकीय महत्व कम तथा सामाजिक महत्व ज्यादा है |
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सफेद दाग होने के कारन:
अत्यधिक तनाव और चिंता का शिकार होना।
Liver का अस्वस्थ होना।
पेट में अपच और gas की problem होना।
अनुवांशिक समस्या (inherited)
Calcium की कमी।
विपरीत भोजन का सेवन जैसे दूध के साथ मछली का सेवन करना।
किसी दुर्घटना में चोट लगने या जलने पर।
Digestive system में worms होना।
खून का अशुद्ध होना (impurities in blood)
करेले के फायदे तो सुने ही होंगे लेकिन पढ़ ले नुक्सान…
सफेद दाग होना एक normal समस्या है और किसी को भी हो सकती है। इसमें दाग हांथों, पैरों, चेहरे, होंठ आदि किसी भी जगह पर छोटे रूप में शुरुआत करने धीरे-धीरे बढ़ा रूप ले लेटे हैं।

श्वेत कुष्ठ का इलाज – घरेलू नुस्खे:
तुलसी के पत्ते और नीम्बू का रस (Basil leaves and lime juice): तुलसी के पत्तों में एंटीवायरल और एंटी एजिंग (anti-viral and anti-aging) गुण होते हैं, जो त्वचा की समस्याओं का काफी प्रभावी रूप से इलाज करते हैं। तुलसी के पत्तों और नीम्बू के रस का मिश्रण मेलाटोनिन (melanin) के उत्पादन में वृद्धि करता है और विटिलिगो का काफी प्रभावी उपचार है। विटिलिगो के इस रस का प्रयोग दिन में 3 बार करें और 6 महीने तक इसका लगातार प्रयोग करने के बाद आया फर्क देखें।
लाल मिट्टी (Red clay): नदियों के किनारे पाई जाने वाली लाल मिट्टी इस बीमारी का काफी अच्छा इलाज होती है। यह कॉपर (copper) से भरपूर होती है, जो त्वचा की रंजकता (pigmentation) को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। इस मिट्टी को अदरक के रस के साथ मिश्रित करें और चेहरे के सफ़ेद धब्बों पर दिन में एक बार लगाएं। अदरक का रस प्रभावित भाग पर रक्त के संचार में वृद्धि करता है।
हल्दी (Turmeric): हल्दी को सरसों के तेल के साथ मिलाने से बना हुआ मिश्रण विटिलिगो की समस्या को ठीक करने में काफी कारगर साबित होता है। 500 ग्राम हल्दी लें और इसे रातभर 8 लीटर पानी में भिगोकर रखें। इस मिश्रण को सुबह तब तक उबालें, जब तक कि यह असल मात्रा का 1/8 ना हो जाए। इस मिश्रण को छान लें और इसे 500 ग्राम सरसों के तेल के साथ मिश्रित करें। इसके बाद इस मिश्रण को तब तक गर्म करें, जब तक कि सिर्फ तेल ही रह जाए। विटिलिगो को ठीक करने के लिए इस तेल का प्रयोग अपने सफ़ेद धब्बों पर सुबह और शाम लगाएं।
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करेला (bitter gourd) का सेवन खूब करें।
ज्यादा नमक, खट्टे खाद्य पदार्थ, दही, अधिक मिर्च मसाले, मछली आदि से दूर रहें।
सफेद दागों को दूर करने के लिए दूध में हल्दी डालकर दिन में 2 बार पियें। ऐसा लगातार 5 महीने तक करने से सफेद दाग ख़त्म हो जायेंगे। इस दौरान दागों वाली जगह पर साबुन और निरमा का इस्तेमाल न करें।
मांस के साथ मूली और दूध का सेवन न करें।
रोज कम से कम 7 घंटे की नींद जरुर लें।
रात को ताम्बे के बर्तन में पानी भरकर रख दें और सुबह उठकर पी लें।
लौकी, गाजर और डाल का खूब सेवन करें।
2 चम्मच अखरोट के चूर्ण में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे अपने सफेद दागों पर लगा लें। दिन में 2 बार ऐसा करें।
झड़ते बालों से रोकेंगे यह 10 मिथ

बहुत अधिक बालों का झड़ने या गंजेपन से बचाव के लिए हम अक्सर कितनी कोशिशें करते हैं। बाल झड़ने के बारे में आपको कई बार हर किसी से कोई न कोई नुस्खा सुनने को मिल ही जाता है और आप आंख बंद करके अपना भी लेते हैं। फिर भी आपको कुछ भी फायदा नहीं मिल पाता। कभी सोचा है क्यों?
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हो सकता है आप आंख बंदकर आज तक जिन बातों पर विश्वास करते आ रहे हों या जिन नुस्खों को अपना रहे हों वे असलियत में मिथक से ज्यादा कुछ भी न हों।
आइए जानें गंजेपन से जुड़े 10 आम मिथकों के बारे में
रोज बाल गिरते हैं तो आप गंजे हो रहे हैं
प्रतिदिन करीब सौ बाल गिरना गंजेपन की निशानी नहीं है बल्कि सामान्य है। सामान्यतः जिस रेशियों में बाल गिरते हैं, धीरे-धीरे उसकी भरपाई खुद हो जाती है। अगर बाल अधिक गिरते है तों डॉक्टर से मिलें, हो सकता है यह गंजेपन के अलावा किसी रोग का भी संकेत हो।
ठंडे पानी से बाल धोने से बाल नहीं गिरेंगे
ठंडे पानी से बाल धोने से सिर में रक्त का संचार अच्छी तरह होता है लेकिन इसका बाल झड़ने या उगने से को संबंध नहीं है।
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बालों पर शैंपू लगाने या अधिक शैंपू करने से बाल गिरेंगे
यह सिर्फ हमारी धारणा है। शैंपू करने से बाल साफ होते हैं और डैंड्रफ जैसी समस्याएं नहीं होतीं। बालों का साफ रखना उनकी सेहत के लिए अच्छा है न कि गंजेपन की वजह।
सिर की मालिश से गंजापन नहीं होगा
सिर की मालिश से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है और बाल गिरने से रक्त संचार का अधिक संबंध नहीं होता।
मातृ पक्ष के जीन्स से बाल झड़ते हैं
जिन लोगों में जीन्स की वजह से बाल झड़ते हैं, उन्हें यह समस्या उनके मां या पिता, किसी भी पक्ष से मिल सकती है।
बाल काटने से बाल घने होते हैं
इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। हेयरकट के बाद बाल इसलिए घने लगते हैं क्योंकि बाल अपने बेस से मोटे होते हैं।
लंबे समय तक धूप में रहने से बाल गिरते हैं
बाल गिरने की असल वजह फोलिकल स्तर (बालों की जड़) है। जड़ों को धूप से बचाने का काम बाल करते हैं।
बाल गिरने का हार्मोन से संबंध नहीं
बाल गिरना किसी हार्मोनल असंतुलन का भी संकेत हो सकता है। मसलन, थायराइड या गर्भावस्था के दौरान कई बार महिलाओं के बाल अधिक झड़ते हैं। लेकिन यह गंजेपन की स्थायी वजह नहीं है।
स्टेरॉयड के इस्तेमाल का बालों से कोई संबंध नहीं
अगर बॉडी बनाने के लिए आप स्टेरॉयड का अधिक इस्तेमाल करते हैं तो हो सकता है इससे आपके बाल गिर रहे हों। कई शोधों में साबित हो चुका है कि इनके इस्तेमाल से हार्मोन का असंतुलन होता है जिससे गंजेपन की समस्या हो सकती है।
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हल्के ड्रायर से नुकसान नहीं
आप बालों पर ड्रायर का कैसा भी इस्तेमाल करें ये बालों की जड़ों को सुखाते हैं। सिर की त्वचा ड्राइ होने की वजह से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। हालांकि स्थायी तौर पर गंजापन की यह वजह नहीं है।
किडनी में पथरी का घरेलू उपचार..! जरूर पढ़ें और दूसरों को भी बताएं

गुर्दे की पथरी एक आम बीमारी है जो अक्सर गलत खान पान की वजह से होती है। जरुरत से कम पानी पीने से भी गुर्दे की पथरी का निर्माण होता है। पेशाब में जलन, मूत्र विसर्जन के समय अक्सर पीड़ा का एहसास होना , चक्कर आना, भूख मिटना, पेशाब में बदबू, पेशाब में खून के अंश का पाया जाना इत्यादि गुर्दे की पथरी होने के कुछ आम लक्षण हैं। जिन महिलाएं को मासिक धर्म के दौरान पेट (उदर) के निचले भाग में अक्सर दर्द की शिकायत रहती हो उन्हें भी अपनी डाक्टरी जांच अवश्य करवानी चाहिए क्योंकि यह भी गुर्दे की पथरी होने का संकेत हो सकता है।
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गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए अक्सर लोग कोई ऐसा समाधान चाहते हैं जिसका कोई कुप्रभाव न हो। ऐसा ही एक उपाय है प्राकृतिक उपाय जो गुर्दे की पथरी को दूर करने में बहुत ही कारगर साबित होता है साथ हीं साथ शरीर पर इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता।
गुर्दे की पथरी का इलाज-

पथरी के मरीज को दिन में कम से कम 5-6 लीटर पानी पीना चाहिये। पथरी होने पर पर्याप्त जल पीयें ताकि 2 से 2.5 लीटर मूत्र रोज बने। अधिक मात्रा में मूत्र बनने पर छोटी पथरी मूत्र के साथ निकल जाती है
आहार में प्रोटीन, नाइट्रोजन तथा सोडियम की मात्रा कम हो।
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ऐसा भोजन करें जिनमें आक्जेलेट् की मात्रा अधिक हो; जैसे चाकलेट, सोयाबीन, मूंगफली, पालक, आदि के साथ
कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रहें।
नारंगी आदि का रस (जूस) लेने से पथरी का खतरा कम होता है।
डॉक्टर पथरी के मरीजों को अंगूर और करेला आदि भी खाने की सलाह देते हैं।
मिश्री, सौंफ, धनिया को रात में पानी में भींगने के लिए छोड़ दीजिए। सुबह पानी को छानकर सौंफ और धनिया को पीस कर घोल बना लीजिए और फिर इस घोल को पी लीजिए। पथरी गल जाएगी।
भोजन के साथ या तुरन्त बाद पानी पीना हानिकारक : आयुर्वेद
तुलसी के बीज को शक्कर व दूध के साथ लेने से पथरी गल जाती है।
जीरे को मिश्री या शहद के साथ लेने से पथरी गल कर पेशाब के साथ निकल जाती है.
बेल का शर्बत या बेल खाने से भी किडनी की पथरी गलती है।
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