
दिल्ली में बन रहे लंदन वाले हालात, स्मॉग से 4000 लोगों की मौत

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली की हवा में दीवाली के बाद से ही स्मॉग नाम का ज़हर घुल गया है, जिसने न सिर्फ पॉल्यूशन कंट्रोल एजेंसियों बल्कि सरकार के भी होश उड़ा दिए हैं। फिलहाल अालम यह है कि दिल्ली दुनिया में सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जिसकी अाबाेहवा इंसानाें के साथ-साथ पक्षियाें व जानवराें के लिए भी खतरनाक हाे गई है।
500 के खतरनाक के स्तर पर
अमरीकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के मुताबिक, भारत की राजधानी स्मॉग नाम के जहर से घुट रही है, इसके कुछ शहराें में हवा का मापदंड सामान्य से पांच गुना अधिक पाया गया है। दिल्ली में अमरीकी दूतावास द्धारा लिए गए अांकड़ाें के तहत, शहर में वायु की गुणवता सोमवार को 500 के “खतरनाक” के स्तर पर पाई गई।
4000 लोगों की गई थी जान
वहीं, माना जा रहा है कि दिल्ली की स्मॉग वर्ष 1952 के लंदन के कुख्यात ‘ग्रेट स्मॉग’ की याद दिलाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली के हालात वैसे हैं, जैसे लंदन में 1952 के ‘ग्रेट स्मॉग’ के दौरान थे। इस दाैरान ‘ग्रेट स्मॉग’ से करीब 4,000 लोगों की असामयिक मौत हो गई थी। तब एसओ2 का स्तर काफी उंचा होने के साथ-साथ औसत पीएम स्तर करीब 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया था।
भारतीय ग्रैंडमास्टर हरिकृष्ण विश्व रैंकिंग में टॉप-10 में
Indian Grandmaster Harikrishna top-10 in world rankings
चेन्नई । देश के अग्रणी शतरंज खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर पी. हरिकृष्ण रविवार को फिडे द्वारा जारी वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में पहुंच गए। इसके साथ ही हरिकृष्ण वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में जगह बनाने वाले दूसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए।
फीडे की ओर से नवंबर माह के लिए जारी ताजा वर्ल्ड रैंकिंग में हरिकृष्ण 2,768 अंकों के साथ 10वें पायदान पर हैं।
जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप विजेता रह चुके हरिकृष्ण आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रहने वाले हैं। इससे पहले वर्ल्ड रैंकिंग टॉप-10 में जगह बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद थे। आनंद इस समय 2,779 अंकों के साथ सातवें पायदान पर हैं।
भारतीय शतरंज के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में दो-दो भारतीय खिलाड़ियों ने एकसाथ जगह बनाई हो। 100 खिलाड़ियों की इस वर्ल्ड रैंकिंग में सबसे निचले 100वें पायदान पर भी एक भारतीय खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर के. शशिकिरन हैं।
देशों की वरीयता सूची में भारत पांचवें स्थान पर है। देशों की रैंकिंग उनके टॉप-10 खिलाड़ियों की औसत रेटिंग के आधार पर तय होती है।
भारत से ऊपर दुनिया की टॉप-4 शतरंज खेलने वाले देशों में रूस सबसे ऊपर, अमेरिका दूसरे स्थान पर, चीन तीसरे और यूक्रेन चौथे स्थान पर है। हालांकि चीन का कोई भी खिलाड़ी व्यक्तिगत रैंकिंग में टॉप-10 में शामिल नहीं है।
महिला खिलाड़ियों की वर्ल्ड रैंकिंग में भी भारत की दो खिलाड़ी टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रही हैं। कोनेरू हम्पी (2,557) चौथे और हरिका द्रोणावल्ली (2,543) छठे स्थान पर हैं।
हरिकृष्ण के वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में प्रवेश करने पर आंध्र प्रदेश शतरंज संघ के सचिव डी. श्रीहरि ने कहा कि राज्य सरकार शतरंज और राज्य के शीर्ष शतरंज खिलाड़ियों की मदद में तत्पर है। हरिकृष्ण, हम्पी और हरिका को राज्य सरकार किस तरह मदद दे सकती है, इस पर हम चर्चा करेंगे, ताकि वे भारत के लिए पदक जीतने पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकें। श्रीहरि ने बताया कि राज्य सरकार स्कूल स्तर पर शतरंज को बढ़ावा देना चाहती है।
शतरंज के एक कोच ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के लिए यह बिल्कुल सही समय है कि वे हरिकृष्ण, हम्पी और हरिका को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराएं, ताकि वे अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें और देश के लिए पदक जीत सकें।
हैदराबाद में रह रहे हरिकृष्ण के माता-पिता यह खबर सुनकर बेहद खुश हुए। हरिकृष्ण के पिता पी. नागेश्वरा राव ने फोन पर कहा कि उसका पहला लक्ष्य वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-100 में पहुंचना था और उसके बाद अगला लक्ष्य टॉप-10 में प्रवेश करना। अब उसका मकसद दुनिया के टॉप-4 खिलाड़ियों में शामिल होना है।
सस्ती हाइब्रिड कारें डेवलप कर रही है मारुति सुजुकी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी तथा उसकी मातृ कंपनी सुजुकी मोटर सस्ती लागत की हाइब्रिड कारों के विकास पर काम कर रही हैं। देश में पर्यावरणनुकूल वाहनों की बढ़ती मांग के बीच मारुति भारतीय बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है।
मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा कि हाइब्रिड प्रौद्योगिकी वाली छोटी कारों के विकास को कंपनी तथा उसकी मातृ कंपनी सुजुकी दोनों के लिए रूचि वाला क्षेत्र बताया।
भार्गव ने कहा कि हम हरित प्रौद्योगिकी वाली छोटी कारों के बाजार का दोहन करना चाहते हैं। हालांकि, टोयोटा जैसी बड़ी कंपनियां अभी बड़े वाहनों पर ध्यान दे रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘भारत में हाइब्रिड प्रौद्योगिकी वाली छोटी कार बनाना एक बुद्धिमानी भरा कदम होगा, क्योंकि अभी दुनिया में छोटी कारों या कम लागत वाली कारों के लिए कोई हाइब्रिड प्रौद्योगिकी नहीं है। मुझे लगता है कि इसका विकास किया जाना चाहिए। हम और सुजुकी इस पर काम कर रहे हैं।’
हालांकि, भार्गव ने इस तरह का वाहन लाने के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई। फिलहाल मारुति सुजुकी एर्टिगा एमपीवी तथा प्रीमियम सेडान सियाज में मामूली हाइब्रिड प्रौद्योगिकी की पेशकश करती है।
मारुति के बेड़े में अभी 15 मॉडल हैं। भारतीय यात्री वाहन बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत की है। कंपनी ने 2020 तक सालाना 20 लाख इकाई की बिक्री का लक्ष्य तय किया है। इस वित्त वर्ष में कंपनी को 16 लाख इकाइयों के उत्पादन की उम्मीद है। मारुति सुजुकी द्वारा जापान के बाजार में और मॉडलों के निर्यात की योजना के बारे में पूछे जाने पर भार्गव ने कहा कि कंपनी पहले बलेनो हैचबैक पर प्रतिक्रिया का इंतजार करेगी। जापान को पहली बार भारत में बने मॉडल बलेनो का निर्यात किया गया है।
भार्गव ने कहा, ‘पहले हम बलेनो पर प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे। किसी देश में किसी मॉडल के निर्यात के करीब एक वर्ष बाद ही उस पर प्रतिक्रिया का अंदाजा लगता है।’
उन्होंने कहा कि जापान अपने उत्पादों की बिक्री के लिए विदेशी वाहन कंपनियों के लिए परंपरागत रूप से कठिन बाजार रहा है। जापान के लोग अपने घरेलू कंपनियों के अलावा सिर्फ अमेरिका व जर्मनी की कंपनियों के वाहनों को पसंद करते हैं। मारुति सुजुकी ने अभी तक जापान के बाजार के लिए भारत में बनी 2,300 बलेनो हैचबैक का निर्यात किया है।
नए निर्यात बाजारों के बारे में पूछे जाने पर भार्गव ने अफ्रीका महाद्वीप को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि अफ्रीका आने वाले समय में काफी संभावनाएं पेश करेगा। आगामी वर्षों में अफ्रीका में आय का स्तर काफी उंचा होगा और वे उचित कीमत वाली कारें खरीदना चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि कंपनी को बेहतर प्रतिक्रिया मिलती है तो वह ऐसे निर्यात बाजारों में उत्पादन सुविधाएं विकसित कर सकती है।
हिलेरी के e-mail में अपराध की कोई बात नहीं, एफबीआई ने दी राहत

वाशिंगटन। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की नई खेप में किसी तरह के आपराधिक सबूत नहीं मिलने का हवाला देते हुए उन्हें हरी झंडी दे दी है। एफबीआई के निदेशक जेम्स कूमी ने कांग्रेस को लिखे एक पत्र में कहा है कि जांच एजेंसी ने अपना काम पूरा कर लिया है और उसे ऐसा कुछ नहीं मिला है जिससे इस स्थिति में किसी बदलाव की गुंजाइश हो।
इसी वर्ष जुलाई में एफबीआई निदेशक ने कहा था कि अमेरिकी विदेश मंत्री रहते हुए क्लिंटन ने संवेदनशील बातों को लेकर अपने निजी ईमेल सर्वर पर लापरवाही बरती थी लेकिन कोई अपराध नहीं किया था। हिलेरी के एक संबंधी लैपटॉप में कथित ईमेल मिलने के बाद यह मामला दोबारा उछला।
पिछले महीने इस मामले में एफबीआई निदेशक ने सांसदों को पत्र लिखा था जिसमें हिलेरी क्लिंटन के ईमेल्स की दोबारा जांच की बात कही गई थी। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले को हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ चुनावी मुद्दा बना लिया था।
