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Jio को बड़ी सफलता, आजीवन फ्री वॉइस कॉलिंग को मिली ट्राई से मंजूरी

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reliance jio Life time Free Voice Calling received approval from regulator

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो को बड़ी सफलता मिली है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने जियो को आजीवन मुफ्त वॉइस कॉल सेवा को मंजूरी दे दी है। ट्राई ने कहा है कि टेलिकॉम सेक्टर में आई इस नई कंपनी का प्लान मौजूदा नियमों के अनुरूप है और यह भेदभावपूर्ण नहीं है।

ट्राई ने टेलिकॉम ऑपरेटरों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘यह पाया गया कि ट्राई में दाखिल किए गए टैरिफ प्लान को आईयूसी का पालन नहीं करने वाला, मनमानीपूर्ण और भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता।’ मौजूदा ऑपरेटरों भारती एयरटेल, वोडाफोन और अन्य ने ट्राई से संपर्क कर रिलायंस जियो द्वारा दी जा रही फ्री कॉल सेवा का विरोध करते हुए उसके टैरिफ प्लान को मनमानीपूर्ण, भेदभावपूर्ण और मौजूदा नियमों का पालन नहीं करने वाला बताया था। टेलिकॉम ऑपरेटरों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाले हर एक कॉल पर जिस नेटवर्क पर कॉल किया जा रहा है उस नेटवर्क को प्रति मिनट 14 पैसे की दर से रुपया देना होता है।

रिलायंस जियो ने अपने एक वक्तव्य में फ्री लोकल, एसटी़डी और नैशनल रोमिंग कॉल पर जोर देते हुए कहा है कि हमारे इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य हमेशा के लिए ग्राहकों को फ्री कॉलिंग की सुविधा प्रदान करना है। गौरतलब है कि पिछले महीने रिलायंस जियो को लॉन्च करते हुए रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी ने कहा था कि जियो अपने ग्राहकों को इंटरनेट आधारित वॉइस कॉलिंग की सुविधा आजीवन मुफ्त प्रदान करेगी।

‘ए दिल है मुश्किल’ के प्रदर्शन को लेकर फडणवीस से मिले करण जौहर

Karan Johar meets cm Devendra Fadnavis, seeks security for the release of ae dil hai mushkil
Karan Johar meets cm Devendra Fadnavis, seeks security for the release of ae dil hai mushkil

मुंबई। फिल्म निर्माता करण जौहर ने अपनी आने वाली विवादित फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ के प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की।

इराक में आत्मघाती हमला, 16 लोगों की मौत

Iraq suicide attack killed 16 people
Iraq suicide attack killed 16 people

किरकुक। इराक में एक बार फिर आत्मघाती हमला हुआ। इस बार हमलावरों ने इराक की किरकुक सिटी के एक बिजली संयंत्र पर हमला किया है जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई है।

थम नहीं रहा सपा का विवाद, जिलाध्यक्षों की बैठक में नहीं पहुंचे अखिलेश

SP feud : Akhilesh yadav skips district presidents meeting for silver jubilee celebrations
SP feud : Akhilesh yadav skips district presidents meeting for silver jubilee celebrations

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

SC से BCCI को झटका, राज्य के साथ लेन-देन रोका, लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने को लेकर ‘अल्‍टीमेटम’

bcci gets jolt from SC money transactions board and state associations
bcci gets jolt from SC money transactions board and state associations

नई दिल्‍ली। BCCI और उसकी मान्य ईकाइयों में जस्टिस लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार सुधार लागू करने को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बोर्ड को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों के बीच सारे वित्तीय लेनदेन रोक दिये और शीर्ष क्रिकेट संस्था को निर्देश दिया कि जब तक वह न्यायमूर्ति आरएम लोढा पैनल की सुधार की सिफारिशों को लागू नहीं करता वह किसी भी राशि को वितरित नहीं कर सकता, यहां तक कि मैच के आयोजन के लिये भी नहीं।

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने तक पैसे के लेन-देन पर रोक लगी रहेगी। बीसीसीआई अब मैच कराने के लिए स्‍टेट एसोसिएन्‍स को पैसे नहीं दे सकती है। कोर्ट ने बीसीसीआई से यह भी पूछा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें कब तक लागू करेंगे। इस मामले को लेकर शीर्ष कोर्ट ने बीसीसीआई को दो हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का वक्‍त दिया है।
शीर्ष अदालत ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को यह भी निर्देश दिया कि वे तीन दिसंबर तक शीर्ष अदालत और लोढा पैनल के समक्ष हलफनामा पेश करें कि उन्हें इन सुधारों को लागू करने में कितना समय लगेगा।

प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूण और एल नागेश्वर राव की पीठ ने लोढा पैनल को बीसीसीआई के सभी खातों की जांच के लिये स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त करने के लिये कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूण ने सुनाया।

उन्होंने लोढा पैनल से बीसीसीआई द्वारा दिये गये बड़ी राशि के अनुबंधों की जांच ऑडिटर से कराने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि बीसीसीआई के खातों पर नजर रखी जाए। निगरानी के लिए लोढ़ा पैनल ऑडिटर नियुक्‍त करे।

पीठ ने पैनल सचिव को शीर्ष अदालत के आदेश की एक प्रति आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर को भेजने के लिये भी कहा। उच्चतम न्यायालय ने 17 अक्तूबर को बीसीसीआई में व्यापक सुधारों की लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने के अपने आदेश को बरकरार रखा था। अदालत ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और इसके महासचिव (क्रिकेट परिचालन) रत्नाकर शेट्टी को उन आरोपों के बारे में बताने को कहा था कि बीसीसीआई ने आईसीसी मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्डसन को पत्र लिखा था कि लोढा पैनल के निर्देश सरकारी हस्तक्षेप के समान हैं।

दोनों क्रिकेट प्रशासकों का बचाव कर रहे सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बीसीसीआई को खलनायक की तरह पेश किया जा रहा है। यह ऐसा है जैसे बीसीसीआई के कारण ही हर गलत चीज हो रही है।