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439 अंक गिरकर बंद हुआ सेंसेक्स, निफ्टी 135 अंक गिरा

Sensex closes 439 points down and Nifty fell 135 points
Sensex closes 439 points down and Nifty fell 135 points

मुंबई । घरेलू बाजारों में आज भारी गिरावट देखी गई क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के डर से ग्लोबल बाजारों में घबराहट बनी हुई है जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है। सेंसेक्स आज 439.23 अंक लुढककर 27,643.11 अंक पर एवं निफ्टी 135.45 अंक गिरकर 8,573.35 अंक पर बंद हुआ।

आज बीएसइ टॉप 100 में सबसे ज्यादा टूटा। बाजार में यह डेढ़ प्रतिशत से अधिक की कमजोरी है। आज सेंसेक्स पर 1900 से अधिक शेयर लाल निशान पर बंद हुए।

आज सबसे ज्यादा टाटा मोटर्स के शेयर टूटे हैं। इसके शेयर में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी है। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, जी लिमिटेड, अडानी पोर्ट, टाटा डीवीआर के शेयर सबसे ज्यादा गिरने वाले दिग्गज स्टॉक में शामिल है। वहीं, चढ़ने चाले शेयरों में ओएनजीसी, इन्फोसिस, सिप्ला, हीरोमोटो कॉर्प के शेयर हैं।

आज के कारोबार के दौरान मिडकैप-स्मॉलकैप में भी जोरदार गिरावट रही जिसमें मिडकैप इंडेक्स 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं बीएसई स्मॉलकैप 1.4 फीसदी टूटकर और मिडकैप इंडेक्स 1.25 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुआ है।

पैरासाइकिलिस्ट आदित्य को एयरपोर्ट पर कृत्रिम अंग उतारने के लिए मजबूर किया

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Para-cyclists Aditya forced to land at the airport prosthesis
Para-cyclists Aditya forced to land at the airport prosthesis

बेंगलुरू। भारतीय पैरासाइकिलिस्ट आदित्य मेहता को सुरक्षा जांच के नाम पर बेंगलुरु के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (केआईए) पर कृत्रिम अंग (नकली पैर) निकालने के लिए मजबूर किया गया और इस दौरान उनके अंगों से खून तक निकल गया। उनके साथ ऐसा पिछले दो महीने में दूसरी बार हुआ है।

बेंगलुरू एयरपोर्ट पर मंगलवार को सुरक्षा जांच के दौरान आदित्य को नकली पांव हटाकर दिखाने के लिए कहा गया, और उसके बाद उड़ान पकड़ने की जल्दी की वजह से वह उसे वापस पहनते हुए घायल भी हो गए।

आदित्य ने एक समाचार एजेंसी को हैदराबाद से फोन पर बातचीत करते हुए बताया, “उन्होंने मुझे नकली पांव हटाने के लिए मजबूर किया… उसे वापस पहनने में मुझे 45 मिनट लगे… जब मैं उसे वापस पहन रहा था, अधिकारी मुझसे जल्दी बाहर आने के लिए कह रहे थे, क्योंकि फ्लाइट का टाइम नज़दीक था… उसी टेंशन में मैंने स्टंप को ज़्यादा ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया, और घर आकर पांव हटाने पर पता चला, उससे खून बह रहा था…”

इससे पहले भी दो बार दिल्ली तथा बेंगलुरू के एयरपोर्ट पर सुरक्षाधिकारियों ने पैरासाइकिलिस्ट आदित्य मेहता को इसी तरह नकली पांव हटाने के लिए मजबूर किया जा चुका है।
आदित्य ने कहा कि जिस अधिकारी ने मुझसे पांव हटाकर दिखाने के लिए कहा था, मैंने उनसे अनुरोध किया था कि उड़ान में 30 मिनट ही बचे हैं, जबकि इसे वापस पहनने में मुझे कम से कम 45 मिनट लग जाएंगे. आदित्य ने बताया, “लेकिन अधिकारी ने कहा, ‘नहीं, अगर आपको चोट लगी है, तो यह आपकी समस्या है…’ हमें सुरक्षा का ध्यान रखना है, और आपको हमें हमारी ड्यूटी करने देनी चाहिए…”

आदित्य के मुताबिक, उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को यह भी बताया था कि वह तीन अन्य एयरपोर्टों पर भी जा चुके हैं, लेकिन कहीं भी उनसे पांव हटाकर दिखाने के लिए नहीं कहा गया. आदित्य ने कहा, “मैंने उनसे कहा था कि सुरक्षाधिकारी ईटीडी की जांच कर सकते हैं…”

इसके बाद सोशल मीडिया पर अपने गुस्से का इज़हार करते हुए आदित्य ने लिखा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) को दिव्यांगों की खातिर फुल-बॉडी स्कैनर लगाए जाने के लिए लिखने के बावजूद कुछ भी नहीं किया गया है।

उधर, हैदराबाद स्थित डीजीसीए कार्यालय के अनुसार, नकली पांव लगाकर पहुंचे लोगों से उसे हटाकर दिखाने के लिए कहना सुरक्षा के लिहाज़ से कतई सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

वित्त मंत्री ने व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद की प्रवृत्ति पर चिंता जताई

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Expressed concern over the increasing trend in trade protectionism Arun
Expressed concern over the increasing trend in trade protectionism Arun

मुंबई। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं, विशेषरूप से अमेरिका में बढ़ती संरक्षणवाद की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बाद कारोबारी कामकाज सामान्य हो जाएगा।

जेटली ने आज निवेश प्रवाह पर ब्रिक्स संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘मेरा मानना है कि आज धरातल पर जो संकेतक दिखाई दे रहे हैं, उसके अनुसार विकसित दुनिया का एक हिस्सा संरक्षणवाद की ओर बढ़ रहा है। ये चिंताएं वास्तविक हैं क्योंकि इस तरह की नीतियों के फैलने का दुनिया के अन्य हिस्सा पर काफी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’

हालांकि वित्त मंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के रिपब्लिक उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ये भय वास्तविक है, क्योंकि अधिक से अधिक संरक्षणवादी होता जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि जिस तरह से ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन खुली अर्थव्यवस्था बना रहना चाहता है, अमेरिका में भी राष्ट्रपति चुनाव संपन्न होने के बाद इस तरह के खतरे समाप्त हो जाएंगे। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 8 नवंबर को है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मेरा खुद का अनुभव है कि चुनाव के दौरान कुछ बयान राजकाज के संचालन के बोझ की वजह से दिए जाते हैं। चुनाव के दौरान बहस का रख संरक्षणवाद का होता है और बाद में सब कुछ सामान्य हो जाता है। ऐसे में हमें इंतजार करना होगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि चुनाव की गर्मी निकल जाने के बाद मुक्त व्यापार वापस लौटेगा।’

ट्रंप व्यापार में संरक्षणवाद की बात कर रहे हैं और उन्होंने अन्य देशों के साथ अमेरिका के मुक्त व्यापार समझौतों को समाप्त करने की चेतावनी दी है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी कंपनियों द्वारा चीन को स्थानांतरित किए गए विनिर्माण को वापस लाने की भी बात कही है। इसी तरह ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के पक्ष में मतदान करने की प्रमुख वजह बेहतर शिक्षित आव्रजकों की तुलना में कम शिक्षित स्थानीय को हो रहा नौकरियां का नुकसान है।

जेटली ने कहा कि हालांकि ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन साबित करता है कि वैश्वीकरण वास्तविकता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘मुझे यह देखकर हैरानी हुई जब ब्रिटेन के अधिकारियों ने मुझसे कहा कि इसे संरक्षणवाद के संकेत के रूप में न देखा जाए और मुक्त व्यापार को लेकर हमारी नीति जारी रहेगी।’

US दुनिया में भारत की अहम भूमिका का स्वागत करता है : व्हाइट हाउस

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Welcomes India's role in the world White House
Welcomes India’s role in the world White House

वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका जलवायु परिवर्तन से लेकर समुद्री सुरक्षा तक विविध वैश्विक समस्याओं के समाधान में भारत द्वारा निभाई जा रही अहम एवं प्रभावशाली भूमिका का स्वागत करता है।

व्हाइट हाउस में दक्षिण एशिया के लिए ‘प्वाइंट पर्सन’ पीटर लावोय ने कहा, ‘‘हम भारत का स्वागत इसलिए नहीं करते क्योंकि यह अहम एवं संगत है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हम नियम आधारित व्यवस्था के मानकों को अक्सर प्रोत्साहित करते हैं और उनमें साझेदारी करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत जलवायु परिवर्तन एवं वैश्विक स्वास्थ्य से लेकर शांतिरक्षा, समुद्री सुरक्षा एवं साइबर शासन तक विविध वैश्विक मामलों में जो अहम एवं प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है, अमेरिका उसका स्वागत करता है।’’ लावोय ने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी पिछले आठ वर्षों में काफी मजबूत हुई है लेकिन अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है।

उन्होंने भारत एवं अमेरिका के संबंधों के जीवंत आयामों को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘हम अगली टीम को भारत के साथ एक बड़ी रक्षा साझेदारी सौंप रहे हैं।’’ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद :एनएससी: में दक्षिण एशिया के वरिष्ठ निदेशक लावोय ने ‘सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ (सीएसआईएस) में कहा, ‘‘पहले नंबर पर क्षेत्रीय मामलों पर सहयोग बढा. दूसरे नंबर पर रक्षा व्यापार में सहयोग मजबूत हुआ और तीसरे नंबर पर सुरक्षा साझीदारी व्यापक हुई।’’ उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन के पिछले छह साल में जोखिमों, खतरों एवं अवसरों संबंधी विचारों को लेकर आपसी सहमति बढ़ी है।

लावोय ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने अपने सामने आनी वाली चुनौतियों पर बातचीत में सहयोग की आदत विकसित की है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग ने जिन तीन क्षेत्रों में अच्छी लय पकड़ी है, वे अफगानिस्तान, एशिया प्रशांत एवं अफ्रीका हैं।

लावोय ने कहा कि समुद्री सुरक्षा दोनों देशों के बीच सहयोग का अहम क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपने साझे हितों पर भारत के साथ विचार विमर्श में काफी बढ़ोतरी की है. लावोय ने कहा कि भारत ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में स्थिरता एवं समृद्धि लाने के सामूहिक प्रयासों में दो अरब डॉलर से अधिक राशि की सहायता देने की प्रतिबद्धता जताकर अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों के कमांडर भारतीय नेताओं के साथ वार्ता करने के लिए अब नियमित रूप से नई दिल्ली जाते हैं. उन्होंने कहा कि यह कहना उचित होगा कि अमेरिकी इतिहास के अन्य किसी भी दौर की तुलना में अमेरिका एवं भारत के रक्षा संबंध पिछले आठ वषरें में अधिक परिपक्व हुए हैं।

व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा, ‘‘विश्व में ऐसा कोई अन्य देश नहीं है जिसे हम उभरते वैश्विक रक्षा नेता के तौर पर इस तरीके से समर्थन दे रहे हैं. यह अनूठा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे इतिहास में हमने किसी अन्य देश के किसी स्वदेशी विमान कार्यक्रम को समर्थन नहीं दिया है।’’ लावोय ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत एवं अमेरिका का सहयोग एक वृहद सामरिक साझेदारी का अहम स्तंभ बन गया है।

उन्होंने कहा कि यह उपयुक्त है क्योंकि अमेरिका एवं भारत आतंकवादी कृत्यों को वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए ही खतरा नहीं समझते बल्कि वे इसे हर नागरिक की सुरक्षा, कानून के शासन, न्याय एवं लोकतंत्र के अपने साझे मूल्यों के लिए भी खतरा मानते हैं।

बांग्लादेश को हराकर इंग्लैंड ने 2-1 से जीती सीरीज

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England won the series 2-1 after beating Bangladesh
England won the series 2-1 after beating Bangladesh

चटगांव। सैम बिलिंग्स और बेन डकेट के अर्धशतकों के बाद आलराउंडर बेन स्टोक्स की जाबांज पारी से इंग्लैंड ने यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में चार विकेट से जीत दर्ज करके बांग्लादेश के घरेलू सरजमीं पर पिछली छह सीरीज से जीत दर्ज करने के अभियान पर रोक लगा दी।

तीन मैचों की सीरीज इंग्लैंड ने आखिरी वनडे जीत 2-1 से अपने नाम कर ली। बांग्लादेश ने इससे पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ दो जबकि पाकिस्तान, भारत, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान से एक-एक सीरीज जीती थी लेकिन इंग्लैंड उससे तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीतने में सफल रहा।

बांग्लादेश ने इससे पहले अपनी सरजमीं पर आखिरी सीरीज जून 2014 में भारत से 1-2 से गंवाई थी। इंग्लैंड के सामने 278 रन का लक्ष्य था जो उसने 47.5 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर दिया। उसकी तरफ से बिलिंग्स ने 62 और डकेट ने 63 रन बनाए जबकि बेन स्टोक्स 47 रन बनाकर नॉटआउट रहे।

क्रिस वोक्स ने 18 गेंदों पर नॉटआउट 27 रन बनाकर स्टोक्स का अच्छा साथ दिया। बांग्लदेश ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकर रहीम के 62 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से बनाये गए नॉटआउट 67 रन और मोसादेक हुसैन (नॉटआउट 38 रन) के साथ उनकी 7वें विकेट के लिए 85 रन की अटूट साझेदारी से छह विकेट पर 277 रन का स्कोर खड़ा किया था।

बांग्लादेश को तमीम इकबाल (45) और इमुरुल कायेस (46) ने पहले विकेट के लिए 80 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दी लेकिन इसके बाद उसने जल्दी जल्दी छह विकेट गंवा दिए। शब्बीर रहमान (49) एक रन से अर्धशतक से चूक गए लेकिन एक समय बांग्लादेश छह विकेट पर 192 रन बनाकर जूझ रहा जिसके बाद मुशफिकर और मोसादेक ने महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई।

लेग स्पिनर आदिल राशिद ने बांग्लादेश को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। उन्होंने 43 रन देकर चार विकेट लिए। मोईन अली और बेन स्टोक्स ने एक-एक विकेट लिया। राशिद को मैन ऑफ द मैच और स्टोक्स को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।