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rohan mehra left tv show yeh rishta kya kehlata hai
मुंबई। बिग बॉस का हर सीजन लोगों के बीच काफी दिलचस्प रहता है। ‘बिग बॉस 10’ भी अपनी शुरुआत के पहले ही काफी चर्चा में है। बिग बॉस में भाग लेने के लिए एक टीवी अभिनेता ने अपना सीरियल ही छोड़ दिया है।
टीवी एक्टर ‘रोहन मेहरा’ ने बिग बॉस में काम करने के लिए ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ शो छोड़ दिया है। रोहन मेहरा ‘बिग बॉस’ में कंटेस्टेन्ट के रूप में नजर आएंगे। रोहन ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अक्षरा के बेटे की भूमिका निभा रहे थे। रोहित ने ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के आगे बिग बॉस को प्राथमिकता देते हुए सीरियल छोड़ने का निर्णय लिया है।
कलर्स चैनल पर प्रसारित होने वाले इस शो का दर्शक काफी बेशब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बार भी बिग बॉस में ‘सलमान खान’ शो को होस्ट करते नजर आएंगे। बिग बॉस 10 अक्टूबर में प्रसारित होगा।
Kashmir historical issues solution is part of India said Raheel Sharif
इस्लामाबाद। पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल राहील शरीफ ने दावा करते हुए कहा है कि, भारत कश्मीर मुद्दों जैसे ऐतिहासिक विवादों का समाधान करने को लेकर कतई गंभीर नहीं है। आर्मी चीफ ने आरोप लगाया कि भारतीय खुफिया एजेंसी अफगानिस्तान की सीमा पर सुरक्षा हालात का दोहन कर रही हैं।
जनरल शरीफ ने जर्मनी के स्टटगर्ट शहर में कहा, भारत कश्मीर जैसे ऐतिहासिक विवादों के समाधान को लेकर अनिच्छुक है जो सीधे तौर पर गलतफहमी पैदा करते हैं तथा निरंतर संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। भारत को बस आरोप लगाना आता है। उसे पाकिस्तान पर हमला करने का बहाना चाहिए।
उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान के साथ लगी सीमा पर सुरक्षा हालत का दोहन कर रहा है।
राहील ने यह भी कहा कि आतंकवादी सीमा पार कर रहे हैं क्योंकि सीमा प्रबंधन की कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। भारत खुद सीमा पर सीजफायर का उल्लंखन करता है और आरोप पाकिस्तान पर लगाता है।
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी दोपहिया कंपनी हीरो मोटोकार्प ने आज अपनी प्रीमियम सेगमेंट बाइक अचीवर 150 का उन्नत संस्करण को लांच कर दिया है। इस बाइक की दिल्ली शोरूम में कीमत 62,800 रुपये है।
कंपनी का इरादा प्रीमियम खंड में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का है। इसके ड्रम ब्रेक संस्करण की कीमत 61,800 रपये तथा डिस्क ब्रेक संस्करण का दाम 62,800 रुपये है।
हीरो मोटोकार्प के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी पवन मुंजाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, अगली पीढ़ी की अचीवर 150 को पेश करने से हमारी नई और प्रौद्योगिकी की दष्टि से बेहतर उत्पाद पेश करने की प्रतिबद्धता का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि हम 100 सीसी तथा 125 सीसी खंड में घरेलू बाजार में सबसे आगे हैं। अब हम प्रीमियम खंड मंे भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। यह नया मॉडल इसी दिशा में हमारा कदम है।
नई दिल्ली। दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल 18 वर्ष का हो गया है। लेकिन आज का दिन इसलिए ज्यादा खास है क्योंकि आज गूगल बालिग हो गया है। इस खास मौके पर गूगल ने खुदके लिए एक डूडल तैयार किया है।
गूगल का इतिहास
गूगल ने अपना पहला जन्मदिन 7 सितंबर, 1998 को मनाया था। आपको बताते चलें कि इसी साल 4 सितंबर को गूगल दुनिया के सामने आया था। पर इसका जन्मदिन कब मनाया जाए इसको लेकर गूगल ने आखिरकार अंतिम निर्णय लिया और वर्ष 2006 में 27 सितंबर को अपने गूगल की बर्थडे के रूप में चुना इसके बाद से आज तक गूगल इसी तारीख को अपना जन्म दिन मानता है।
गूगल नहीं, बैकरब था सर्च इंजन
क्या आप जानते हैं कि गूगल की असल स्पेलिंग क्या है। वैसे तो अंग्रेजी में लिखा जाता है google, लेकिन असल में यह googol की गलत स्पेलिंग है। पेज और ब्रेन ने पहले इसका नाम बैकरब रखा था। बाद में नाम गूगल रखा गया।
साल 1997 में कंपनी ने डोमेन रजिस्टर कराया और इसका नाम गूगल रख दिया गया। साल 2002 में गूगल ने पहली बार डूडल दिया। वैसे तो गूगल हर किसी इवेंट या किसी महान व्यक्ति को सम्मानित करने के लिए डूडल तैयार करता है। लेकिन अपने जन्मदिन पर भी हर साल एक डूडल तैयार करता है।
दुंनिया का सबसे शक्तिशाली सर्च इंजन
आज गूगल विश्व की सबसे शक्तिशाली सर्च इंजन है, जहां आपको किसी भी चीज की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकती है। पहले कंपनी का मकसद था कि वो बस दूसरी वेबसाइट्स की डिटेल्स इसमें देंगी, लेकिन फिर इरादा बदल गया और गूगल एक ऐसा प्लैटफॉर्म बन गया जहां दुनिया भर की जानकारी आसानी से एक ही जगह मिल सकती है। हर कोई एक क्लिक के साथ अपनी राहें आसान कर सकता है।
डूडल का इतिहास
गूगल के डूडल का इतिहास कुछ ऐसा है। जब भी किसी महान व्यक्ति का जन्मदिन या एनीवर्सरी होता है, कोई बड़ा इवेंट या कोई हॉलीडे उस खास दिन पर डूडल बनाकर गूगल उसे सम्मानित करता है। साल 1998 30 अगस्त पहली बार गूगल ने डूडल बनाया था। डेडिस्ट आर्ट फेस्टिवल को डूडल दिया था। उसके बाद साल 2009 में डूडल टीम तैयार हुई। 10 लोगों की इस टीम ने एक बार में 400 डूडल बनाए। इस टीम का हिस्सा 4 इंजीनियर, दो प्रोड्यूसर और तीन कुत्ते थे। फिर ये सिलसिला शुरू हो गया। साल 2010 के जनवरी में पहली बार एनिमेटेड डूडल बना। उसी साल 21 मई को इंटरेक्टिव डूडल बना। साल 2011 में सबसे लोकप्रिय डूडल बना।
लोगो का दिलचस्प
ये इसके लोगो का दिलचस्प राज गूगल लोगो का दिलचस्प राज यह है कि 31 मार्च 2001 को यह होम पेज पर सेंटर में शामिल नहीं था। 31 मार्च 2001 के बाद इसे होम पेज पर सेंटर में जगह दी गई। साल 1998 से 2001 तक इसकी प्लेसिंग बायीं तरफ थी। गूगल सर्च इंजन में दूसरे नंबर पर कायम याहू की स्टाइल में गूगल लिखने के बाद एक्सक्लेमेंट्री मार्क भी लगाता था।