
हिन्दुत्व पुरोधा अशोक सिंघल का नाम सुनते ही एक हिन्दूवादी छवि के नेता का चित्र मानस में उभरता है। ऐसा व्यक्तित्व जिसके जीवन का एक मात्र उद्देश्य था अयोध्या में भगवान राम का भव्य मन्दिर निर्माण करवाना। अपने उद्देश्य की पूर्ति हेतु इस व्यक्तित्व ने अजीवन संघर्ष किया।