त्रिपुरा में अगवा 4 बैंक अधिकारी अभी भी लापता

Police yet to rescue Tripura’s kidnapped four Bank Employees

अगरतला। सुरक्षा बलों के खोजी अभियान के बावजूद सशस्त्र बदमाशों द्वारा अपहृत त्रिपुरा ग्रामीण बैंक के चार अधिकारियों का पता नहीं लगाया जा सका है।

गोमाती पुलिस अधीक्षक बिजॉय देबबर्मा ने बताया कि आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षित टीएसआर (त्रिपुरा राज्य राइफल्स) और अन्य सुरक्षा बलों ने पश्चिम त्रिपुरा, खोवाई और गोमाती जिले में बंधकों (शुक्रवार की रात को अपहृत) की तलाश में संयुक्त अभियान जारी रखा।

उन्होंने कहा कि हम जबतक चारों अधिकारियों को ढूंढ नहीं लेते तबतक अभियान जारी रहेगा। हमने सीमा सुरक्षा बल से अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाने के लिए कहा है ताकि चारों लोगों को बांग्लादेश ना ले जाया जा सके।

जब बैंक अधिकारियों का अपहरण किया गया, तब वे खोवाई जिले में तेलियामुरा से एक वाहन में अगरतला वापस आ रहे थे। उनके अपहृत होने के तुरंत बाद ही तलाशी अभियान शुरू किया गया। राज्य पुलिस प्रमुख अखिल कुमार शुक्ला समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

अपहृत अधिकारियों में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक तायडु के शाखा प्रमुख 30 वर्षीय तनुमॉय भट्टाचार्य, 28 वर्षीय सुजीत चंद्र डे और 31 वर्षीय रक्तिम भौमिक एक कार में थे और बैंक अधिकारी सुब्रत देबबर्मा (32) अपनी मोटरसाइकल पर थे। अभी तक दोनों वाहनों का भी पता नहीं चल सका है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस को यह जानकारी नहीं है कि अधिकारियों का अपहरण सशस्त्र बदमाशों ने किया है या किसी आतंकवादी संगठन द्वारा किया गया है।

बिजॉय देबबर्मा ने कहा कि बैंक अधिकारियों का ठीक-ठीक किस जगह से अपहरण किया गया, उसका भी अभी तक पता नहीं चल पाया है।

अपहृत बैंक अधिकारियों के परिवार ने कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर प्रत्येक बैंक कर्मचारी की रिहाई के लिए 20-20 लाख रुपए की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 2015 से त्रिपुरा में एक भी उग्रवाद से जुड़ी घटना नहीं हुई है।