दिग्गजों के सपनों पर भारी युवाओं की दावेदारी

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नई दिल्ली। दिग्गज विस्फोटक ओपनर वीरेन्द्र सहवाग ने अब भी विश्वकप में खेलने का सपना संजो रखा है। सहवाग ही नहीं कई और पुराने दि ग्गज भी 2015 के विश्वकप में उतरना चाहते हैं लेकिन काफी समय से नजरअंदाज चल रहे इन दिग्गजों के सपनों पर युवा खिलाडियों की दावेदारी भारी पड़ सकती है।

आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में फरवरी और मार्च में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए 30 संभावित भारतीयों का चयन गुरूवार को मुंबई में होना है और पुराने दिग्गज हल्की सी उम्मीद लगाकर बैठे हैं कि कम से कम उन्हें संभावितों में तो जगह मिल ही जाएगी।

सहवाग और उनके पुराने जोड़ीदार गौतम गंभीर, 2011 विश्वकप के मैन आफ टूर्नामेंट युवराज सिंह, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान और टर्बनेटर हरभजन सिंह ने पिछली खिताबी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी लेकिन उस विश्वकप के बाद से धीरे-धीरे ये सभी धुरंधर खिलाड़ी टीम इंडिया से ओझल होते चले गए।

आज की भारतीय एकदिवसीय टीम काफी बदली हुई है और राष्ट्रीय चयनकर्ता विश्वकप के लिए निश्चित ही ऎसे युवा खिलाडियों को तरजीह देंगे जो फार्मü में होने के साथ साथ मैदान में अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन कर सकें। यह हो सकता है कि पुराने दिग्गजों को औपचारिकता के लिए संभावितों में जगह मिल जाए लेकिन वह विश्वकप टीम में जगह बना पाए यह बहुत मुश्किल लगता है।

ओपनिंग की बात की जाए तो टीम इंडिया के पास हाल में दोहरा शतक बनाने वाले रोहित शर्मा, शिखर धवन और अजिंक्या रहाणे जैसे बल्लेबाज है। इनके मुकाबले सहवाग और गंभीर फार्म के लिहाज से मौजूदा समय काफी पीछे दिखाई देते हैं। शीर्ष क्रम में धुरंधर बल्लेबाज विराट कोहली के साथ-साथ सुरेश रैना और अंबाटी रायूडु मौजूद है।

आलराउंडर के लिए रवीन्द्र जडेजा के साथ अक्षर पटेल की दावेदारी मजबूत दिखाई दे रही है। आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन दो लेफ्ट स्पिनरों जडेजा और पटेल के साथ स्पिन तिकड़ी पूरी कर सकते हैं। तेज गेंदबाजी में भारत के क्रिकेटर आफ द ईयर भुवनेश्वर कुमार के साथ ईशांत शर्मा, वरूण आरोन, मोहम्मद शमी और उमेश यादव की दावेदारी काफी प्रबल है।

कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी मध्यक्रम में विश्वसनीय धुरी का काम करते हैं और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाते हैं। इस लिहाज से विश्वकप की 15 खिलाडियों की टीम पूरी हो जाती है। इसमें एक आध फेरबदल हो सकता है।

जहां तक संभावितों की बात है तो देवधर ट्राफी के सेमीफाइनल में शानदार 151 रन बनाने वाले मनोज तिवारी, मुंबई के रणजी कप्तान सूर्यकुमार यादव, मनीष पांडे, मयंक अग्रवाल, सौराशीष लाहिडी, बाबा अपराजित, तेज गेंदबाज पंकज सिंह और आर विनय कुमार तथा आलराउंडर परवेज रसूल को उनके हाल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत संभावितों में जगह मिल सकती है।

चयनकर्ता यदि खिलाडियों की प्रतिष्ठा पर भरोसा करते हैं तो वह सहवाग, गंभीर, युवराज और आशीष नेहरा जैसे पुराने दिग्गजों को संभावितों में जगह देकर उन्हें सांत्वना दे सकते हैं।