देशभर में 40,000 यूनिट रक्त संग्रहित
अजमेर। जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक बना, जहां मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा का संदेश केवल शब्दों तक सीमित न रहकर हृदयों में जीवंत हुआ।
मानव एकता दिवस पर बाबा गुरबचन सिंह जी की दिव्य स्मृति में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संत निरंकारी मिशन की स्थानीय ईकाई की ओर से शुक्रवार को चामुण्डा चौराहा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित कर 140 रक्त युनिट रक्त संग्रहित किया गया।
जेएलएन व जनाना चिकित्सालय के ब्लडबैंक के अनुभवी चिकित्सकों एवं उनकी टीम ने रक्तदाताओं की समुचित स्वास्थ्य जांच के उपरांत रक्तदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई। संत निरंकारी मण्डल अजमेर के इंचार्ज सुशील टांक ने बताया कि देशभर में करीब 200 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लगभग 40,000 यूनिट रक्त संकलित किया गया।
युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में यह दिवस वर्षभर चलने वाली
सेवा-सरिता का शुभारंभ है, जिसके अंतर्गत करीब 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। रक्तदान की यह परंपरा विगत चार दशकों से निरंतर जारी है। अब तक 9,174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15,00,230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है, जो मानव सेवा के प्रति निरंकारी मिशन की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, सरलता और सद्भावना का मार्ग
दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और ऊर्जा को समाजसेवा
में लगाने की प्रेरणा दी। बाबा हरदेव सिंह जी ने रक्त नाड़ियों में बहे,
नालियों में नहीं का संदेश देकर सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया,
जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढा रही हैं।




