नितिन नबीन निर्विरोध चुने गए भाजपा अध्यक्ष, मोदी की मौजूदगी में सौंपी जाएगी पूर्णकालिक जिम्मेदारी

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हो गए।

पार्टी सूत्रों के अनुसार मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नबीन को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वे जेपी नड्डा का स्थान लेंगे। भाजपा मुख्यालय में सबसे युवा अध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर मंगलवार को होने वाले कार्यक्रम के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष के निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा के अवसर पर मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के मौजूद रहने का अनुमान है।

चुनाव अधिकारी डॉ के. लक्ष्मण ने इस चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच के बाद एक विज्ञप्ति में घोषणा की कि इस पद के लिए केवल नबीन का पर्चा भरा गया और वह वैध पाया गया। इसके साथ ही मतदान प्रक्रिया की कोई आवश्यकता नहीं रह गयी है।

नबीन के पक्ष में नामांकन पत्र के 37 सेट जमा किए गए थे, जो जांच के उपरांत वैध पाए गए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, अमित शाह और नितिन गडकरी ने पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ निर्वाचन अधिकारी डॉ के लक्ष्मण को नबीन के नाम के प्रस्ताव के पर्चे सौंपे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरन रिजीजू, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेन्द्र यादव, हरदीप सिंह पुरी समेत कुछ अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी थे।

डॉ. लक्ष्मण के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया 36 प्रदेशों में से 30 प्रदेशों में पार्टी अध्यक्षों के निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न होने के पश्चात प्रारंभ की गई, जो न्यूनतम आवश्यक 50 प्रतिशत से अधिक है। निर्वाचन कार्यक्रम 16 जनवरी को जारी किया गया था। नामांकन के लिए आज अपराह्न दो बजे से शाम चार बजे तक का समय निर्धारित किया गया था और शाम चार से पांच बजे के बीच नाम वापस लेने का समय था।

नबीन को गत 14 दिसंबर को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने कार्यवाहक अध्यक्ष बनाये जाने के बाद 16 दिसंबर को बिहार मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में वह बिहार विधानसभा में बांकीपुर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भाजपा की प्रदेश इकाइयों की ओर से भी नबीन के नामांकन के अनुमोदन के पर्चे प्रस्तुत किए गए। किसी दूसरे प्रत्याशी के नहीं होने के कारण मंगलवार 20 जनवरी को मतदान की औपचारिकता नहीं रह गई है।

नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पार्टी मुख्यालय पहुंच गए थे।

नबीन को भाजपा के संसदीय बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। नबीन का जन्म प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में एक 23 मई 1980 को रांची में हुआ। उनके पिता, स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता थे और पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे। पिता की राजनीतिक विरासत और जनसेवा की परंपरा ने नबीन को प्रारंभ से ही राजनीति की ओर प्रेरित किया।

नबीन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नई दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से प्राप्त की और 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई वहीं से पूरी की। नबीन ने पिता के निधन के बाद वर्ष 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। परिसीमन के बाद यह सीट बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बनी। इसके बाद उन्होंने 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की। इस तरह वे पांच बार के विधायक बन चुके हैं और क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं।

नबीन ने बिहार सरकार में कई अहम मंत्रालयों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। वे पथ निर्माण मंत्री, शहरी विकास एवं आवास मंत्री तथा कानून एवं न्याय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके कार्यकाल में बुनियादी ढांचे और शहरी विकास से जुड़े कई फैसलों को गति मिली।

नबीन की पार्टी संगठन में भी सक्रिय भूमिका रही है। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे। इसके अलावा उन्हें छत्तीसगढ़ में भाजपा का चुनाव प्रभारी भी नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने संगठन को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। नबीन को उनकी विनम्रता, जमीनी स्तर से जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक अनुभव के लिए जाना जाता है। पार्टी और सरकार—दोनों स्तरों पर उनका अनुभव उन्हें भाजपा नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण चेहरा बनाता है।