धर्मरक्षा हेतु घर घर से छत्रपति शिवाजी पैदा होने की आवश्यकता
दुर्ग। जब जब हमारी माता बहनों पर अत्याचार बढे, हमारे धर्म पर आक्रमण बढे, हमारे मंदिरों को तोडा जाने लगा तब तब हमारे वीर राष्ट्रपुरुषों ने बडी शूरता एवं वीरता से इसका विरोध किया और हमारी माता बहनों, मंदिरों और हमारे धर्म की रक्षा की। वर्तमान स्थिति भी कठिन है, ऐसे में आज घर घर में शिवाजी महाराज पैदा होने की आवश्यकता है। यह बात श्रीमंत मुधोजी राजे भोसले ने किया। वे महेश कॉलोनी पुलगाव में हिंदू जनजागृति समिती एवं वैदिक गुरुकुल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित दो दिवसीय अनिवासी शौर्य जागृति प्रशिक्षण शिविर में मार्गदर्शन कर रहे थे।
इस शिविर में 1000 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्ण सहभाग लिया। शिविर में दुर्ग सहित राजनांदगाव, रायपूर, खैरागड सहित कई जिलों से युवा सम्मिलित हुए। शिविर में कराटे का अभ्यास कराया गया। लाठी चलाना सिखाया साथ ही नानचाकू के प्रात्यक्षिक दिखाए गए। मुख्य प्रशिक्षक निरंजन चोडणकर एवं साथी प्रशिक्षकों ने कठिन प्रसंगों में आत्मरक्षा के आसान उपाय प्रात्यक्षिक दिखाए।
शौर्य जागृति प्रशिक्षण शिविर में पहले दिन दुर्ग शहर के आईजी विनोद अग्रवाल, एसपी भारती मारकाम, सनातन संस्था के संत पू. अशोक पात्रीकर, हिंदू जनजागृति समिती के राज्य संगठक सुनील घनवट, अधिवक्ता आशिष शर्मा और दूसरे दिन छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज राजे मुधोजी भोसले, जशपूर से प्रबल प्रताप जुदेव, शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव, महापौर अलका बागमार आदि ने उपस्थित रहकर युवाओं का दिशादर्शन किया।
इस मौके पर श्रीमंत भोसले ने आगे कहा कि वैदिक गुरुकुल वेलफेअर फाउंडेशन एवं हिंदू जनजागृति समिति ने जो शौर्य जागरण का कार्य आरंभ किया है इसे देखकर मुझे विश्वास है की घर घर छत्रपति शिवाजी महाराज और झांसी की रानी निश्चित तैयार होंगे। हम इन वीरों की संतानें है। इसका हमें सदैव स्मरण रखकर राष्ट्र-धर्म रक्षा के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादवजी ने अपने संबोधन में कहा जिस प्रकार बचपन से ही छत्रपति शिवाजी महाराज को शस्त्र एवं शास्त्र की शिक्षा देकर राजमाता जिजाऊ ने सक्षम बनाया और हिन्दवी स्वराज की नीव रखी, वहीं शौर्य हरएक युवा में है, केवल उसे जागृत करने की आवश्यकता है, जो इस शिविर के माध्यम से किया जा रहा है। शरीर बलवान करने के साथ मनोबल भी बढ़ाना आवश्यक है और इस जागृत शक्ति का उपयोग धर्मरक्षा के लिए करने से ही हम, हमारा परिवार, समाज और हमारा राष्ट्र सुरक्षित रह पाएंगे।
प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा सनातन की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र भी सीखना आवश्यक है। आज सनातन खतरे में है, सनातन को युवाओं की आवश्यकता है। धर्मरक्षा के लिए युवाशक्ति जागृत हो रही है यह देख आनंद हो रहा है।
अलका बागमार ने कहा कि हम यदि सप्ताह में से थोडा समय भी इस कार्य में नियमित दे और स्वयं स्वरक्षा सिखकर अन्यों को भी इस कार्य में जोडे तो यह राष्ट्र एवं धर्म रक्षा में हमारा बडा योगदान होगा।
दुर्ग शहर के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल एवं पुलिस उप अधीक्षक भारती मरकाम ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को स्वरक्षा के लिए वर्तमान कानून की जानकारी देते हुए कहा कि अगर आप स्वरक्षा के लिए तैयार हो तो कानून आपके साथ खड़ा है।
आत्मबल बढ़ाने के लिए प्रतिदिन श्रीराम जय राम जय जय राम जाप करे
सनातन संस्था के संत पू. अशोक पात्रीकर ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि धर्म के अनुसार स्त्रियों में दुर्गा तत्व और पुरुषों में शिव तत्व होता है। जिसे साधना से जागृत करने की आवश्यकता है। इसके आगे हमें अन्याय सहन करना नहीं है, अपितु उसका प्रतिकार करना है। हमें शारीरिक बलोपसना भी साधना के तौर पर करनी होगी और आत्मबल बढ़ाने के लिए प्रतिदिन श्रीराम जय राम जय जय राम” यह जाप करना होगा।
राष्ट्ररक्षा युवाओ का दायित्व है; पहली सिढी स्वरक्षा सिखना
जिन महान राष्ट्रपुरुषों व क्रांतिकारियों ने अपनी युवावस्था से ही स्वयं को राष्ट्र एवं धर्म रक्षा के लिए न्योछावर कर दिया। उनकी शूरता और वीरता का अंश हमारे भीतर है। आवश्यकता है उसे जागृत करने की। हर युवा यदि स्वरक्षा प्रशिक्षण लेकर तैयार हो जाए तो कोई भी हमारी मां बहनों को बुरी नजर से देखने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। देश विरोधी धर्माध, वामपंथी शक्तियां पाठशाला, महाविद्यालयों के माध्यम से हमारी युवा शक्ति को तेजहीन, शौर्य हिन बनाना चाहती है, इस के विरुद्ध सजग रहकर कार्य करना अभिभावाको की जिम्मेदारी है।
वैदिक गुरुकुल वेलफेअर फाउंडेशन के संस्थापक संचालक अधिवक्ता आशिष शर्मा ने गुरुकुल द्वारा चलाए जा रहे कार्य से सबको परिचित करवाया। गुरुकुल के माध्यम से बच्चों को जो शिक्षा दी जा रही है। उससे छात्रों का शैक्षणिक स्तर 40% तक बढ़ा है। 108 आचार्यो को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो दुर्ग शहर के विभिन्न भागों में शिक्षा का प्रसार कर रहे हैं। हमारा उद्येश केवल शिक्षा देना नहीं है अपितु सुरक्षा का पाठ पढ़ाना भी है। इसी उद्देश्य से यह शौर्य जागृति शिविर का आयोजन किया गया है। शौर्य जागृति शिविर की प्रस्तावना हिन्दू जनजागृति समिति के कमल बिस्वाल ने की। कार्यक्रम का मंच सचालन अंजली कानस्कर व मेघा राठी ने किया।


