बारिश के कारण सरिस्का के जंगलों में पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध

0

अलवर। राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में वर्षाकाल के मद्देनजर बुधवार से पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया है।

वन विभाग के अनुसार यह व्यवस्था एक जुलाई से 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान आंतरिक क्षेत्र के अधिकतर सफारी मार्ग बंद रहेंगे, जबकि पांडुपोल जाने वाला मुख्य मार्ग पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। वहीं बफर जोन में पहले की तरह सफारी संचालित होती रहेगी, जहां पर्यटक बाघों सहित अन्य वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे।

वन विभाग के अनुसार मानसून के दौरान जंगलों में वन्यजीवों के प्रजनन, प्राकृतिक गतिविधियों और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आंतरिक क्षेत्र में सीमित मार्गों पर ही सफारी की अनुमति रहेगी।
आंतरिक क्षेत्र में टहला गेट से काली घाटी होते हुए उमरी तिराया तक एक मार्ग खुला रहेगा और इसी मार्ग से पर्यटकों की वापसी होगी। दूसरा मार्ग सदर गेट से काली घाटी होते हुए उमरी तिराया तक रहेगा। वहीं बफर क्षेत्र में बाला किला और बारा लिवारी के दो सफारी मार्ग पहले की तरह खुले रहेंगे। इन मार्गों पर पर्यटक मानसून के दौरान भी जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बाला किला सड़क पर छह पर्यटकों के लिए जिप्सी सफारी का किराया दो हजार 148 रुपए निर्धारित है। वहीं बारा लिवारी क्षेत्र में सफारी के लिए सात हजार 620 रुपए का शुल्क रखा गया है। पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्था के तहत इस अवधि में ऑनलाइन टिकट बुकिंग उपलब्ध नहीं रहेगी। सभी टिकट सीधे प्रताप बंध स्थित काउंटर से ही जारी किए जाएंगे। विभाग ने पर्यटकों से सफारी पर जाने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करने और समय से टिकट लेने का अनुरोध किया है।