पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार अपनी सरकारी सुरक्षा व्यवस्था वापस करने का निर्णय ले कर प्रदेश की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार के उस निर्णय का प्रतिरोध किया है, जिसके तहत लालू-राबड़ी परिवार के सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती की गई थी।
राबड़ी देवी ने यह प्रतिरोध बिहार सरकार के दो दिन पहले लिए गये उस निर्णय के विरोध में किया है, जिसके तहत उनकी और उनके पति पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की जेड प्लस की सुरक्षा को वापस लेने का निर्णय लिया गया था और निचले लेवल की सुरक्षा प्रदान की गई थी। बिहार सरकार के निर्णय के अनुसार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी के दूसरे पुत्र तेजप्रताप यादव और उनकी सांसद बेटी मीसा भारती की सुरक्षा में भी कटौती की गई थी।
राबड़ी देवी के इस निर्णय के बाद उनके आवास पर राजद कार्यकर्ताओं का तांता लगा हुआ है। इस संबंध में उनकी पुत्री रोहणी आचार्य ने ‘एक्स’ पर लिखा था और कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वह राबड़ी आवास पर पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा ढाल के रूप में कार्य करें। उन्होंने कहा कि समूचा बिहार देख रहा है कि किस तरह बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बदले की भावना से की गई कर्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगी।
आचार्य ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस बात को समझ लेना चाहिए कि बिहार की करोड़ों जनता लालू-राबड़ी की सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगी और यदि उन्हें कोई खरोच भी आई तो सरकार को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि इस जेड प्लस सुरक्षा कटौती के बाद राबड़ी देवी को नई सुरक्षा व्यवस्था में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) के दो से आठ हॉउस गार्ड, पटना जिला बल से तीन महिला अंगरक्षक (सादे वस्त्र), तीन अंगरक्षक (वर्दीधारी) के अलावा पायलट(त्वरित कार्रवाई दल), बुलेट प्रूफ कार और स्कोर्ट पायलट दिए गए हैं।
वहीं लालू प्रसाद के लिए बीएसएपी के दो से आठ हॉउस गार्ड, पटना जिला बल के दो अंगरक्षक तथा एक बुलेट प्रूफ कार के साथ पायलट(त्वरित कार्रवाई दल) की व्यवस्था की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री की सांसद पुत्री मीसा भारती को तीन अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं।



