12वीं बोर्ड में विज्ञान, कला और वरिष्ठ उपाध्याय में छात्राओं ने मारी बाजी

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अजमेर/उदयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया जिसमें विज्ञान, कला और वरिष्ठ उपाध्याय में छात्राओं ने बाजी मारी जबकि वाणिज्य संकाय में छात्र अव्वल रहे।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीओआईटी सभागार से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर से वर्चुअली जुड़कर सुबह दस बजे परीक्षा परिणामों की घोषणा की। कक्षा 12 के सभी संकायों तथा वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा का समेकित परीक्षा परिणाम 96.45 प्रतिशत रहा। इसके साथ ही आजादी के बाद पहली बार ऐसा अवसर रहा जब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम मार्च महीने में ही जारी कर दिए गए।

दिलावर ने बताया कि उच्च माध्यमिक विज्ञान वर्ग की परीक्षा में दो लाख 87 हजार 068 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिसमें दो लाख 85 हजार 299 परीक्षार्थी परीक्षा में प्रविष्ट हुए। उच्च माध्यमिक विज्ञान वर्ग की परीक्षा का परिणाम 97.52 प्रतिशत रहा। इसमें छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 97.02 तथा छात्राओं का उत्तीर्णता प्रतिशत 98.34 रहा। विज्ञान वर्ग में एक लाख 78 हजार 51 छात्रों में 146644 छात्र और एक लाख सात हजार 248 छात्राओं में से 98 हजार 636 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई है।

वाणिज्य वर्ग की परीक्षा में 30 हजार 798 पंजीकृत विद्यार्थियों में 30 हजार 580 परीक्षा में प्रविष्ट हुए। वाणिज्य वर्ग का परिणाम 93.64 प्रतिशत रहा। इसमें छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 94.04 तथा छात्राओं का उत्तीर्णता प्रतिशत 92.82 रहा। वाणिज्य वर्ग में 20 हजार 666 छात्रों मे से 13 हजार 976 छात्र और 9914 छात्राओं में से 8096 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं।

इसी प्रकार कला वर्ग की परीक्षा में पांच लाख 91 हजार 23 विद्यार्थी पंजीकृत हुए, इसमें से पांच लाख 83 हजार 201 परीक्षा में प्रविष्ट हुए। कला वर्ग का परिणाम 97.54 प्रतिशत रहा। इसमें से छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 96.68 तथा छात्राओं का उत्तीर्णता प्रतिशत 98.29 रहा। दो लाख 72 हजार 970 छात्रों में से एक लाख 56 हजार 818 छात्र और तीन लाख 10 हजार 231 छात्राओं में से दो लाख 27 हजार 252 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं।

वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में कुल 4114 पंजीकृत विद्यार्थियों में से 4067 परीक्षा में प्रविष्ट हुए। वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा का परिणाम 97.20 प्रतिशत रहा। छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 96.46 तथा छात्राओं का उत्तीर्णता प्रतिशत 97.77 रहा। वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 1781 छात्रों में से 832 छात्र और 2286 छात्राओं में से 1328 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई है।

दिलावर ने परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद सभी संकायों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से मोबाइल पर बात की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

दिलावर ने कहा कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं के समस्त संवंर्गों का परीक्षा परिणाम राजस्थान के इतिहास में पहली बार मार्च में जारी किया गया है. जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह अध्यापकों एवं विद्यार्थियों की मेहनत, लग्न, कठोर परिश्रम और सपनों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया गया है। मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और विश्वसनीय बनाया गया है। मार्च महने में सटीक एवं पारदर्शी परिणाम जारी कर देना, सिस्टम सुधार का प्रमाण है और 10वीं बोर्ड का परिणाम भी गत 24 मार्च को ही जारी कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में इस बार से एक अप्रैल से सत्रांरभ करने की योजना बनाई थी, जिसे तय समयानुसार पूर्ण कर रहे हैं और सत्र एक अप्रैल से शुरु किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों के लिए कार्यदिवसों की संख्या में वृद्धि होगी। गत सत्र में कार्यदिवसों की संख्या 235 थी जो अब बढ़कर 244 हो जाएगी।

नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरूआत के साथ हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा विद्यालय से जुड़े। कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए हम प्रवेशोत्सव को अभियान बनाकर अधिकतम नामांकन के लिए प्रयासरत हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली बार से गणित विषय की री-चेकिंग व्यवस्था प्रारंभ की थी, इससे पूर्व केवल री-टोटलिंग की व्यवस्था थी। इस बार से दो अन्य विषयों विज्ञान एवं अंग्रेजी में भी री-चेकिंग व्यवस्था प्रारंभ कर दी है। इससे विद्यार्थी अपने परिणाम पर अधिक भरोसा कर सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

दिलावर ने कहा कि आगामी सत्र से विद्यार्थियों को वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का मानसिक तनाव कम होगा और सुधार का मौका मिलेगा। इसके अलावा हर बच्चे तक किताबें समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया गया है, मार्च में ही समस्त विद्यालयों तक किताबें पहुंचाने के निर्देश पूर्व में ही प्रदान कर दिये गये हैं। यूनिफॉर्म के लिए राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और समय पर संसाधन मिल रहे है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक के कालांश के दौरान शिक्षण के समय मोबाईल फोन के उपयोग पर सख्ती की गई है। विद्यालयों में मोबाईल के अनावश्यक उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक हमारे शिक्षा तंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनकी उपस्थिति, अनुशासन और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा रही है, लेकिन साथ ही उनका सम्मान और सहयोग भी हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभा, राष्ट्रगान और सूर्य नमस्कार, ये केवल गतिविधियों नहीं है। ये बच्चों के व्यक्तित्व और संस्कार निर्माण का आधार हैं। हम शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी मजबूत करना चाहते हैं।

उन्होंने समस्त अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए कि जो विद्यालय भवन जर्जर हो या जहां विद्यार्थियों के बैठने के लिए उपयुक्त नहीं हो, वहां पर कक्षायें नहीं चलाई जायें, ना ही उनके आस-पास में विद्यार्थियों को बैठाया जायें, क्योंकि विद्याथियों की सुरक्षा हमारा प्रथम प्रयास है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ विद्यालय, स्वरथ विद्यार्थी यह हमारा लक्ष्य है। वृक्षारोपण के साथ उनकी देखभाल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसमें पंचायत और समाज की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीकानेर एवं सीकर में इसी सत्र से सैनिक स्कूल प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही संभाग स्तर पर वेद विद्यालयों का संचालन भी किया जाएगा।