जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरन्तर काम कर रही है।
शर्मा शनिवार को भांकरोटा में अन्तरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के विकास का रोडमैप बनाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर, देवास परियोजना सहित अन्य पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं पर प्राथमिकता से काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से अधिक के कार्यकाल में प्रदेश 11 जनकल्याणकारी योजनाओं में देश में प्रथम स्थान पर, पांच राष्ट्रीय योजनाओं में दूसरे स्थान पर और नौ राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तीसरे स्थान रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों से केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को भी पर्याप्त पानी देने के लिए काम कर रही है। इसी प्रकार, ऊर्जा के क्षेत्र में आठ हजार 261 मेगावाट की उत्पादन क्षमता बढ़ायी गयी है। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक सम्पूर्ण प्रदेश में किसानों को दिन में बिजली दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने वैश्य समाज में संगठन की प्रबल शक्ति और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता बताते हुए कहा है कि भारत के इतिहास में वैश्य समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है और मोदी का विकसित भारत 2047 और विकसित राजस्थान 2047 का लक्ष्य वैश्य समाज के विकास और सहयोग के बिना अधूरा है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों ने मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया। उद्योग, व्यापार और रोजगार में वैश्य समाज का योगदान किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हस्तशिल्प, रत्न-आभूषण, वस्त्र और खाद्य उद्योग में इस समाज की मेहनत और दूरदर्शिता की झलक मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अनुभवी व्यापारियों के पास ज्ञान और अनुभव है। इसलिए उस अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाकर स्टार्टअप और छोटे उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने युवाओं से उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा कि युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता और अथक परिश्रम के कारण 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, रेवती नक्षत्र और इन्द्रयोग में वृहद् राजस्थान की स्थापना हुई थी। इसीलिए हमने निर्णय लिया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही राजस्थान दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष 19 मार्च को मनाया जाने वाला यह दिवस राजस्थान की आत्मा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का उत्सव है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, सांसद मदन राठौड़, दामोदर अग्रवाल, विधायक कालीचरण सराफ सहित अन्तरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन लोग मौजूद थे।




