राजस्थान हाईकोर्ट बार संघ पांच जनवरी को कार्य बहिष्कार करेगा

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट बार संघ ने न्यायालय में दो शनिवारों को कार्य दिवस घोषित किए जाने के निर्णय के विरोध में पांच जनवरी को न्यायिक कार्य से स्वैच्छिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

यह फैसला रविवार को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बार संघ के महासचिव दीपेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में 19 दिसम्बर को उच्च न्यायालय प्रशासन को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। बार संघ ने कहा कि यह निर्णय सभी हितधारकों, विशेषकर अधिवक्ताओं से परामर्श किए बिना लिया गया, जबकि न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में बार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही बार संघ ने रात्रिकालीन अदालत संचालन के प्रस्ताव को भी वर्तमान परिस्थितियों में अव्यावहारिक बताया। बार संघ के अनुसार रात में अदालतें चलाने से अधोसंरचना, सुरक्षा, कर्मचारियों की उपलब्धता, दूर-दराज़ से आने वाले पक्षकारों की पहुंच और कार्यकुशलता जैसी कई गंभीर व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होंगी।

इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए बार संघ ने मांग की है कि ऐसे किसी भी निर्णय से पहले व्यापक विचार-विमर्श और सभी संबंधित पक्षों से परामर्श किया जाए। इसी के विरोध स्वरूप पांच जनवरी को जयपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय में अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।