राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की उम्रकैद की सजा निलंबित की

1

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी की आजीवन कारावास की सजा निलम्बित करके उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति महेन्द्र कुमार गोयल और न्यायमूर्ति चन्द्र प्रकाश श्रीमाली की पीठ ने यह आदेश दिए।

इससे पहले अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय दातारामगढ़ जिला सीकर ने 18 सितम्बर 2025 को आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता मोहित बलवदा एवं अधिवक्ता सुनील शेखावत ने न्यायालय को अवगत कराया कि घटना अचानक और बिना किसी पूर्व नियोजन के घटित हुई थी और मृतक के साथ मारपीट के आरोप सभी छह व्यक्तियों पर सामूहिक रूप से लगाए गए थे। इसी मामले में पहले ही तीन अन्य सह-आरोपियों को सजा निलंबन का लाभ प्रदान किया जा चुका है, इसलिए अपीलार्थी का मामला भी समान आधार पर विचार योग्य है।

अदालत को यह भी बताया गया कि अपीलार्थी करीब दो साल दस महीने से न्यायिक हिरासत में है और अपील की अंतिम सुनवाई में लंबा समय लग सकता है। दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए पीठ ने पाया कि आरोप सामूहिक प्रकृति के हैं और अपीलार्थी के मामले को सह-आरोपियों से पृथक नहीं किया जा सकता। इसके पश्चात न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा निलंबित करते हुए अपीलार्थी को निर्धारित शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।