नई दिल्ली। सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर में 14 किलो के बजाय 10 किलो गैसे देने की रिपोर्टों को कोरी अफवाह करार देते हुए कहा है कि ये केवल अटकलबाजियों पर आधारित हैं और सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की कमी से परेशान प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाते हुए कहा है कि उन्हें अब राज्यों के जरिये पांच किलो के सिलेंडर की आपूर्ति की जाएगी। पिछले तीन सप्ताह में करीब साढे तीन लाख नये वाणिज्यक और घरेलू पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। अब तक एलपीजी के एक लाख 90 हजार उपभोक्ताओं ने पीएनजी ली है।
देश में एलपीजी की कुल मांग के 50 से 60 प्रतिशत की आपूर्ति घरेलू उत्पादन से की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में 33 हजार जगहों पर छापे मारे गए हैं और करीब 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम एशियाई देशों से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। अब तक ईरान सीमा से 1031 भारतीय बाहर निकल चुके हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न स्थिति पर सोमवार को अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि रसोई गैस सिलेंडर में 14 किलो के बजाय 10 किलो गैस देने की रिपोर्ट अफवाह है। उन्होंने कहा कि 14 किलो को 10 किलो करने की जो बात कही जा रही है, यह पूरी तरह अटकलें हैं और ऐसी किसी भी अटकल पर कोई टिप्पणी या स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसी बातों पर विश्वास न करें, अफवाहों पर भरोसा न करें। ये पूरी तरह अटकलें हैं।
संयुक्त सचिव ने कहा कि आपूर्तिकर्ता देशों से एलपीजी की उपलब्धता अभी भी चिंता का विषय है लेकिन किसी भी वितरक से अभी तक गैस की कमी होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और सभी स्थानों पर ईंधन उपलब्ध है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी विशेष देश से खरीद तकनीकी-वाणिज्यिक निर्णय हैं जो तेल विपणन कंपनियों द्वारा लिए जाते हैं।
वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से कई लोगों को हो रही परेशानी पर उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इस परेशानी को जितना संभव हो कम किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी घरेलू एलपीजी आपूर्ति पहले की तरह सामान्य है और घबराहट में की जा रही बुकिंग में भी कमी आई है, जो 88 लाख थी वह अब घटकर लगभग 50 लाख के आसपास आ गई है, इसलिए स्थिति अब सामान्य हो रही है।
संयुक्त सचिव ने कहा कि 5 किलो का एफटीएल, 19 किलो के वाणिज्यिक सिलेंडर की तुलना में अलग श्रेणी का होता है, जो वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों द्वारा लिया जाता है। पांच किलो का सिलेंडर श्रमिकों, प्रवासी श्रमिकों और मजदूरों के लिए है। उन्होंने कहा कि यह पता चला था कि कुछ लोगों को कठिनाई हो रही है। इसलिए इन लोगों के लिए 5 किलो एफटीएल की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि ये सभी सिलेंडर राज्य सरकारों को सौंप दिए गए हैं, वहां से उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।



