नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ पर लगे आरोप का जवाब देते हुए कहा कि संघ स्वयं से प्रेरित किसी भी संगठन को रिमोट कंट्रोल से नहीं चलाता बल्कि ऐसे सभी संगठन अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होते हैं।
गौरतलब है कि भागवत का यह बयान आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों के बीच संबंधों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है। भागवत ने नागपुर में शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस के चरित्र निर्माण और सामाजिक जागृति के काम में लगने की बात कही लेकिन उससे प्रेरित संगठनों के अपने नेतृत्व, संगठनात्मक ढांचे और निर्णय लेने की आजादी का दावा किया।
उन्होंने कहा कि संघ वैचारिक प्रेरणा तो देता है लेकिन ऐसे संगठनों के कामकाज में दखल नहीं देता। आरएसएस प्रमुख ने आरएसएस के द्वारा ऐसे समर्पित लोगों को तैयार करने करने की बात कही, जो अलग-अलग क्षेत्रों में समाज के लिए योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि हर संगठन बगैर संघ के निर्देशों के अपने लक्ष्यों और जिम्मेदारियों के अनुसार काम करता है।
भागवत ने पिछले कुछ वर्षों में संघ के बारे में गलतफहमियां फैलने की बात कही और संघ को समझने के लिए उसके काम और विचारधारा को करीब से जानने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने संघ के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह समाज को संगठित करने का काम करता है, किसी पर नियंत्रण करने का काम नहीं करता।



