मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताते हुये हिन्दू अल्पसंख्यक वाले देशों विशेषकर पाकिस्तान और बांग्लादेश में अपनी पहुंच बढाने की याेजना बनाने पर बल दिया है।
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संघ की अखिल भारतीय बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों और चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से उभरी कि दुनिया भर में हिंदुओं की आबादी का अनुपात कम हो रहा है। संघ के शीर्ष पदाधिकारियों ने इस बात पर मंथन किया कि जहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं, वहां वे संगठित नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। सूत्र बताते हैं कि संघ अब ‘जहां हिंदू अल्पसंख्यक, वहां संगठन’ के मंत्र पर काम करेगा।
बैठक में सबसे अधिक चर्चा बांग्लादेश की वर्तमान स्थितियों पर हुई। सूत्रों के अनुसार, आरएसएस अब बांग्लादेश में स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवक और हिंदू संगठन खड़े करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य आपदा या हिंसा के समय स्थानीय हिंदुओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करना और उनकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।
इस रणनीतिक पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की जल्द ही केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक होने की संभावना है। इसमें पड़ोसी देशों में हिंदुओं की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय असंतुलन को रोकने के लिए कूटनीतिक और जमीनी स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की जाएगी।
संघ का मानना है कि यदि समय रहते इन देशों में मजबूत हिंदू संगठन खड़ा नहीं किया गया, तो आने वाले दशकों में वहां से हिंदुओं का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो सकता है। मथुरा की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि आरएसएस अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए अपनी कार्ययोजना का विस्तार कर रहा है।



