संतों की सुरक्षा के लिए लामबंद हुआ अजमेर का सकल जैन समाज

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अजमेर। सकल जैन समाज के तत्वावधान में आज मौन जलूस निकाला गया। सुबह 9 बजे सकल जैन समाज के सभीं घटक डाक बंगला जिला परिषद के पास एकत्र हुए। इसके बाद मौन जलूस प्रारंभ हुआ। विशाल रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचा। विदित है कि 5 दिन पहले मध्यप्रदेश के रीवा में दो आर्यिका माता जी का दुर्घटना के बाद देवलोक गमन हो गया था। जिससे सम्पूर्ण भारत के जैन समाज के साथ अजमेर जैन समाज में भी रोष था।

यही रोष सड़कों पर जन भावना बन कर उतरा। सकल जैन समाज के बैनर तले प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। सकल जैन समाज के बैनर तले हुए मौन जलूस कार्यक्रम में जैसवाल समाज के अध्यक्ष सुनील ढीलवारी ने कहा कि समाज आंदोलित है। सरकार को सुरक्षा देना पड़ेगी। सकल जैन समाज के अशोक छाजेड़, सुरेश खिवसरा, प्रदीप पाटनी, विक्रम पारख, शिखर चन्द जैन, ब्रह्मचारी सुकांत, पुखराज पहाड़िया, प्रदीप पाटनी, नीरज जैन, बसन्त सेठी, डॉ आरके गोधा, अजय दनगसीया, मिश्रीलाल गदिया, राकेश घीया, नितिन जैन, गौरव जैन, प्रवीण जैन, दीपक चोपड़ा, कमल गंगवाल, अजय साहुला, अनूप पूर्णा, गौरव जैन, सुधीर जैन, मनोज कोलोनायक, संजय शाहबजाज समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

ज्ञापन में उठाई ये मांगे

ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि घटना जांच SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। घटना से संबंधित सभी CCTV, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं। दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए। यदि सुनियोजित कृत्य अथवा षड्यंत्र के तथ्य मिलें तो तदनुसार कठोर धाराएं लगाई जाएं। संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए। विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक, हाईवे एवं भीड़भाड़ क्षेत्रों में विशेष सावधानी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए। भारत सरकार पैदल विहार करने वाले संतों हेतु राष्ट्रीय guideline, सुरक्षा SOP तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष प्रावधान निर्मित किए जाएं। संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए।