पुणे। दत्त परंपरा के महान संत और शक्तिपात योग के प्रवर्तक गुलवणी महाराज के दीक्षा शताब्दी महोत्सव के अवसर पर सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बालाजी आठवले को सम्मानित किया गया।
उनके अद्वितीय धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों के लिए यह सम्मान सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले की ओर से सनातन संस्था की सद्गुरु स्वाती खाडये ने स्वीकार किया। सम्मान के रूप में शाल, श्रीफल (नारियल), मोतियों की माला और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। पुणे के एरंडवणे स्थित श्रीवामन निवास में श्रीगुरु गौरव दीक्षा शताब्दी महोत्सव (2020-2026) का भव्य समारोह संपन्न हुआ।
यह महोत्सव कई अर्थों में महत्वपूर्ण रहा। इसमें श्रीवासुदेव निवास स्थापना का हीरा महोत्सव (डायमंड जुबली), ब्रह्मश्री श्रीदत्त महाराज कवीश्वर पुण्यतिथि रजत महोत्सव, योगतपस्वी श्रीनारायणकाका ढेकणे महाराज जयंती शताब्दी महोत्सव और वर्तमान उत्तराधिकारी शरदभाऊ जोशी का योगभक्ति अमृत महोत्सव भी सम्मिलित था।
इस अवसर पर देशभर के 26 संतों को सम्मानित किया गया। समाज को सन्मार्ग दिखाने वाले महापुरुषों का आशीर्वाद प्राप्त करने के उदात्त उद्देश्य से श्री पपू श्री वासुदेवानंद सरस्वती टेंबे स्वामी महाराज और श्री पपू श्री लोकनाथतीर्थ स्वामी महाराज ट्रस्ट द्वारा यह आयोजन किया गया था। इस समारोह में उपस्थित संतों ने साधना के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का प्रारंभ वेदमंत्रों के उच्चारण, पादुका पूजन और दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा के जयघोष के साथ हुआ। समापन टेंबे स्वामी द्वारा रचित दत्त त्रिपदी के वायलिन वादन के साथ भक्तिमय वातावरण में हुआ, जिसे शिरीषकुमार और अरुण कुमार उपाध्ये ने प्रस्तुत किया।



