भोजशाला में उमड़ा हिंदू समाज, अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी

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धार। केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार स्थित भोजशाला में आयोजित महासत्याग्रह में आज बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। उच्च न्यायालय के निर्णय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन के बाद मंगलवार को पहली बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे। भोज उत्सव समिति द्वारा पूर्व में किए गए आह्वान के बाद धार सहित आसपास के जिलों से भी लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे।

समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को भोजशाला के प्राचीन स्तंभों और शिलालेखों की जानकारी दी। भोजशाला को मंदिर का स्वरूप मिलने के बाद समाज में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। जहाँ रविवार को हिंदू समाज द्वारा भोजशाला में मां वाग्देवी की प्रतिकृति स्वरूप स्थापना कर पूजन आरंभ किया गया था। बताया गया कि पहली बार 24 घंटे तक मां का स्वरूप भोजशाला में विराजमान रहा और अखंड ज्योति प्रज्वलित रही। पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन पूजन किया जा रहा है।

महासत्याग्रह के बाद हिंदू समाज के लोगों ने अखंड ज्योति मंदिर के सामने आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाया। इस दौरान युवाओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखा गया। लोगों ने सरकार से मांग की कि लंदन में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत लाकर भोजशाला में स्थापित किया जाए।

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि न्यायालय ने अपने आदेश में मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने की दिशा में प्रयास करने का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय, मुख्यमंत्री कार्यालय तथा केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय को इस संबंध में पत्र भेजे गए हैं।

संगठन ने एएसआई सर्वेक्षण के दौरान भोजशाला परिसर में मिली 94 मूर्तियों को भी पुनः स्थापित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इनमें ब्रह्मा, विष्णु, शिव, भैरवनाथ, महिषासुर मर्दिनी और वाग्देवी सहित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां शामिल हैं। इन मूर्तियों को ससम्मान भोजशाला में स्थापित किया जाए ताकि श्रद्धालु उनके दर्शन और पूजन कर सकें।