नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बाधित करने और कनॉट प्लेस की दुकानों और कार्यालयों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन उपायों से समस्या नहीं सुलझेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों पर भरोसा जताने वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सबसे पहले प्रधान को पद से हटाना चाहिए। छात्रों की मांगें सुनने के बजाय सरकार उन पर लाठीचार्ज करा रही है और दमनात्मक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है। यदि सरकार वास्तव में छात्रों की चिंता करती है तो उसे शिक्षा मंत्री को हटाने के साथ ही छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए तथा छात्रों की शिकायतों पर संवाद शुरू करना चाहिए।
इस बीच, राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कनॉट प्लेस के दुकानदारों को शाम साढ़े छह बजे तक दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां बंद करने की सलाह दी गई, जबकि सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 2015 के व्यापम परीक्षा एवं भर्ती घोटाले और मौजूदा एनटीए पेपर लीक मामले की तुलना करते हुए कहा कि दोनों मामलों में जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर रहते हुए संसद में इस मुद्दे पर कोई भी चर्चा सार्थक नहीं होगी और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।



