अजमेर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सिंधी बाल संस्कार शिविर सम्पन्न

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अजमेर। पूज्य सिंधी पंचायत लीलाशाह कॉलोनी, धोला भाटा एवं भारतीय सिंधु सभा के संयुक्त तत्वावधान में 31 मई से 7 जून तक आयोजित आठ दिवसीय सिंधी बाल संस्कार शिविर का समापन लीलेश्वर महादेव मंदिर में सम्पन्न हुआ।
शिविर में 22 बच्चों ने भाग लिया। शिक्षिका सरिता टहलयानी ने बच्चों को सिंधी भाषा में गिनती, कविताएं, फलों एवं जानवरों के नाम, शरीर के अंग, सप्ताह के दिनों तथा नैतिक संस्कारों की शिक्षा प्रदान की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिंधी साहित्य शोध संस्थान के अध्यक्ष कंवल प्रकाश किशनानी ने कहा कि नई पीढ़ी को सिंध की संस्कृति, सभ्यता, गीत-संगीत, खान-पान और जीवनशैली की जानकारी देना समय की आवश्यकता है। भारतीय सिंधु सभा की ओर से आयोजित ऐसे शिविर बच्चों में सांस्कृतिक एवं भाषाई संस्कारों का संचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी तथा पुनर्स्थापन के संघर्षों की जानकारी बच्चों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवारों को घर में नियमित रूप से सिंधी भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

महाराजा दाहरसेन का 1314वां बलिदान दिवस 16 जून सुबह 8 बजे हरीभाऊ उपाध्याय नगर स्थित दाहरसेन स्मारक पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों को कार्यक्रम में लाकर सिंधी इतिहास एवं गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का आह्वान किया।

समापन समारोह में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कृषा कंजानी ने झूलेलाल साईं तूं संभाली तो, नोवियारा आंगनानी ने मांझे झूले की दीवानी, पहल लालवानी ने लाल साईं ब्यूटीफुल तथा खनक रायसिंघानी ने लाल झूलेलाल गीत पर प्रस्तुति दी। नव्या धनवानी एवं तपस्या ने सिंधी पैरोडी टे टें तारियूं वजाये प्रस्तुत की। इसके अलावा बच्चों ने लाल मुंजी पत रख जाए भला झूलेलाल पर समूह नृत्य तथा दक्ष कंजानी, कन्या, तान्या, आशीष खिलानी एवं आशा ने पैसो आ पैसो गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।

समारोह में भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष नरेन्द्र बसरानी सहित कमलेश शर्मा, रमेश वासीरामानी, भगवानदास पुरसवानी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। शिविर के सफल आयोजन में नंदलाल धनवानी, लक्ष्मीचंद लालवानी, प्रकाश हासानी, सरिता टहलयानी एवं कान्ता धनवानी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन सरिता टहलयानी ने किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।