जयपुर। शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसे संस्कार विकसित करना भी है, जो उन्हें एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाएं। इसी विचार को साकार करते हुए जयपुर के मालवीय नगर स्थित सेंट एंसेल्म्स पिंक सिटी स्कूल में 1 नवंबर को 39वां वार्षिक उत्सव उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। ‘सुकृति : Where Goodness Becomes a Legacy’ विषय पर आधारित इस समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रेम, सद्भाव, रिश्तों के सम्मान और नैतिक मूल्यों की महत्ता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
समारोह में मुख्य अतिथि एमएनआईटी जयपुर एवं आईआईआईटी कोटा के निदेशक डॉ. नारायण प्रसाद पाढ़ी रहे। पूर्व बिशप डॉ. ओसवाल्ड जे. लुईस और जयपुर डायसिस के बिशप डॉ. जोसेफ कलारेकल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर पॉल पुलिकल और उपप्रधानाचार्य फादर सिबी मैथ्यू ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘सुकृति’ विषय पर आधारित नृत्य-नाटिका रही। विद्यार्थियों ने अपनी अभिनय और नृत्य प्रतिभा के जरिए यह संदेश दिया कि अच्छे संस्कार और सकारात्मक कर्म ही ऐसी विरासत हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रस्तुति में परिवार और समाज में रिश्तों का सम्मान करने, बुजुर्गों के प्रति आदर रखने, दूसरों के साथ प्रेम बांटने तथा जीवन में विवेकपूर्ण व्यवहार अपनाने जैसे विषयों को दर्शाया गया।
नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह को जीवंत बना दिया और उपस्थित दर्शकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रतिभावान विद्यार्थियों को ट्रॉफी, नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान कर उनकी मेहनत और उपलब्धियों का उत्साहवर्धन किया गया।
मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और विद्यालय की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए जीवन में अच्छे कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका प्रियंका जैन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। ग्रैंड फिनाले और राष्ट्रगान के साथ 39वें वार्षिकोत्सव का समापन हुआ।




