हरिद्वार। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार उसका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था। उसकी पहचान अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के मंगरुखाल गांव निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट से हो चुका था बरी
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। नोएडा के निठारी इलाके में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के आसपास से बच्चों के कंकाल मिलने के बाद पुलिस और सीबीआई जांच में कोली तथा पंढेर पर कई मामलों में मुकदमे दर्ज हुए थे।
कोली को अलग-अलग मामलों में निचली अदालत से सजा सुनाई गई थी। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी दोषमुक्ति को बरकरार रखा।
करीब 19 साल जेल में रहने के बाद हुई थी रिहाई
निठारी मामलों में लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुरेंद्र कोली को 2025 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली और वह नवंबर 2025 में जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने हरिद्वार में रहना शुरू किया और चाय की दुकान चलाने लगा था।
निठारी कांड से फिर जुड़ा नाम
निठारी कांड का खुलासा वर्ष 2006 में हुआ था, जब नोएडा में पंढेर की कोठी के पीछे नाले के आसपास से बच्चों के कंकाल बरामद हुए थे। इसके बाद आसपास के इलाके में तलाशी और खुदाई के दौरान कई अन्य अवशेष भी मिले थे। इस मामले ने देशभर में व्यापक चर्चा पैदा की थी।
सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद निठारी कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि, उसकी आत्महत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस पोस्टमार्टम और अन्य जांच के आधार पर मामले की आगे पड़ताल कर रही है।



