प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की आठवीं ई-नीलामी शुरू, 1,498 वस्तुएं शामिल

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-विदेश में विभिन्न अवसरों पर भेंट किए गए स्मृति चिह्नों और उपहारों की आठवीं ई-नीलामी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के मौके पर बुधवार से शुरू हुई यह ऑनलाइन नीलामी 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इस बार नीलामी में कुल 1,498 स्मृति चिह्न और उपहार शामिल किए गए हैं।

संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, ई-नीलामी के जरिए प्रधानमंत्री को मिले इन स्मृति चिह्नों को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे मिशन में उपयोग की जाएगी। इस पहल के माध्यम से देश की कला, संस्कृति, विरासत और पारंपरिक शिल्प को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

नीलामी में आकर्षण के केंद्र ये स्मृति चिह्न

इस बार शामिल वस्तुओं में काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति प्रमुख आकर्षण है। इसके अलावा ब्रिटिश रॉयल नेवी के ऐतिहासिक युद्धपोत एचएमएस विक्टरी की हस्तनिर्मित प्रतिकृति भी नीलामी के लिए रखी गई है।

इसके साथ ही दमन के आधुनिक कन्वेंशन सेंटर को दर्शाने वाली जरदोजी कलाकृति, खेल जगत से जुड़ी स्मृति वस्तुएं, भारतीय नौसेना के मॉडल और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कलाकृतियां भी सूची में शामिल हैं।

कला और विरासत को मिलेगा मंच

संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री को भेंट किए गए स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी केवल उपहारों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए भारत की समृद्ध कला, शिल्प, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हुनर को व्यापक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

ई-नीलामी में देश के अलग-अलग हिस्सों की कला परंपराओं और शिल्प कौशल से जुड़ी वस्तुओं को शामिल किया गया है। इससे आम नागरिकों को भी ऐसे स्मृति चिह्न खरीदने का अवसर मिलता है, जो प्रधानमंत्री को विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान भेंट किए गए थे।

31 अक्टूबर तक चलेगी नीलामी

आठवीं ई-नीलामी 17 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक लोग ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से इसमें भाग ले सकते हैं। नीलामी से जुड़ी वस्तुओं, उनकी विशेषताओं और बोली प्रक्रिया की जानकारी निर्धारित ई-नीलामी मंच पर उपलब्ध कराई गई है।

इस पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों को सार्वजनिक नीलामी के जरिए उपलब्ध कराने की व्यवस्था के रूप में की गई थी। हर चरण में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी कलाकृतियां और स्मृति वस्तुएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रही हैं।