कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच ईवीएम को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार सुबह और गहरा गया। भवानीपुर से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में बनाए गए मतगणना केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं।
अधिकारी ने अपने एक्स हैंडल पर एक कड़ा संदेश साझा करते हुए प्रतिबंधित परिसर के भीतर मुख्यमंत्री के रुकने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि मैं भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र सहित पूरे पश्चिम बंगाल के सम्मानित मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस केंद्र से तृणमूल की उम्मीदवार, यानी निवर्तमान माननीय मुख्यमंत्री को किसी भी तरह का अनुचित लाभ उठाने से बचने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी ने कहा कि वह चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, नियमों के बाहर किसी भी गतिविधि में शामिल होने में असमर्थ रही हैं। जब तक वह स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में मौजूद थीं, मेरे चुनाव एजेंट अधिवक्ता सूर्यनील दास व्यक्तिगत रूप से वहां मौजूद थे और उन पर कड़ी निगरानी रख रहे थे ताकि वह किसी भी अनुचित साधन का सहारा न ले सकें।
यह विवाद गुरुवार रात से शुरू हुआ जब बनर्जी मतगणना केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर करीब चार घंटे तक रुकी रहीं। बाहर आने के बाद उन्होंने पुलिस की भूमिका पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि राज्य पुलिस अपनी ड्यूटी निभाने में विफल रही तो यह उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अब उनके नियंत्रण में नहीं है।
बनर्जी ने पोस्टल बैलेट के रख-रखाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें अनुचित तरीके से स्थानांतरित किया जा रहा था। तृणमूल सुप्रीमो ने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की और चेतावनी दी कि जनता द्वारा डाले गए वोटों के साथ छेड़छाड़ की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ने मत दिया है। अगर मतों की लूट या हेराफेरी की कोई भी कोशिश हुई, तो मैं अपनी जान की बाजी लगाकर लड़ूंगी।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंटों को परेशान किया गया और चुनाव प्रक्रिया एकतरफा रही है। सखावत मेमोरियल स्कूल परिसर के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र की ईवीएम वहां रखी गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग पोस्टल बैलेट संभाल रहे थे, जिसके कारण उन्हें वहां आना पड़ा।
तृणमूल नेता ने कहा कि मैं शिकायतें मिलने के बाद यहां आई हूं। मैं तीन से चार घंटे यहां रुकी और स्थिति पर नजर रखने के लिए एक व्यक्ति को पीछे छोड़ आई हूं। उनकी मौजूदगी के दौरान वहां एक तृणमूल प्रचार वाहन पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव पैदा हो गया। इन घटनाक्रमों ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।



