नासिक। महाराष्ट्र में टीएीएस नासिक ऑफिस से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न के मामले में एक अहम घटनाक्रम में 20 अगस्त को एक अदालत ने आरोपी निदा खान को ज़मानत दे दी।
न्यायमूर्ति खरकर की अदालत ने मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 166/2026 में खान को 50 हजार रुपए के ज़मानती बॉन्ड पर ज़मानत दी। अदालत ने उन्हें संबंधित पुलिस स्टेशन में नियमित रूप से पेश होने का निर्देश भी दिया।
इस मामले में खान को आरोपी नंबर 5 बनाया गया है। आरोपों के अनुसार टीसीएस नासिक ऑफिस में एक 36 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया गया, इस्लामी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए कहा गया, हिंदू धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और कथित तौर पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएन) की धाराओं 75, 79, 299, 302, 3(5) और 328 के तहत दर्ज किया गया है।
शुरू में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था, तौसीफ़ बिलाल अत्तार, दानिश एजाज़ शेख, शाहरुख़ हुसैन शौकत कुरैशी और रज़ा रफ़ीक़ मेमन। जांच के दौरान, पुलिस को कथित तौर पर खान की संलिप्तता का पता चला और बाद में उन्हें आरोपी के तौर पर शामिल किया गया।
खान को पहले देवलाली कैंप मामले में ज़मानत मिल चुकी थी। उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि वह जांच में सहयोग कर रही थीं और ज़मानत मांगते समय उनकी गर्भावस्था का भी हवाला दिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें 50,000 रुपए के बॉन्ड पर ज़मानत दे दी, जो अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के अधीन थी।



