
सियासी शोर से दूर, क्रिकेट पर फोकस: पाकिस्तान के यू-टर्न पर टीम इंडिया का संयमित जवाब
2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर चल रही अनिश्चितता पर आखिरकार विराम लग गया। पाकिस्तान द्वारा आख़िरी समय में अपने संभावित बहिष्कार के फैसले से पीछे हटने के बाद, भारतीय टीम की प्रतिक्रिया बेहद शांत और आत्मविश्वास से भरी रही। टीम इंडिया का साफ़ संदेश था—उन्हें पहले से भरोसा था कि यह मैच खेला जाएगा।
नई दिल्ली के “अरुण जेटली स्टेडियम” में मीडिया से बात करते हुए सहायक कोच “Ryan ten Doeschate” ने कहा कि इस घटनाक्रम ने खिलाड़ियों को बिल्कुल भी चौंकाया नहीं।
उनके मुताबिक, “हमारी तैयारी या सोच में कभी बदलाव नहीं आया। हमें हमेशा यही लगा कि हालात साफ़ होंगे और मैच ज़रूर होगा। इसलिए हमारे प्लान पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।”
भारत और पाकिस्तान के बीच यह बहुप्रतीक्षित ग्रुप-A मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाएगा। यह दोनों टीमों का टूर्नामेंट में तीसरा मैच होगा। इससे पहले भारत 12 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगा।
पाकिस्तान की तरफ से पुष्टि उस समय आई जब “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद” (ICC) के प्रतिनिधिमंडल ने लाहौर में पीसीबी चेयरमैन”Mohsin Naqvi” से मुलाकात की। इस बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री “Shehbaz Sharif” ने अंतिम फैसला लिया, जिसमें श्रीलंका, बांग्लादेश और एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड सहित कई सदस्य बोर्डों के अनुरोधों को ध्यान में रखा गया।
हालांकि भारत-पाकिस्तान मुकाबले के साथ हमेशा राजनीतिक और भावनात्मक पहलू जुड़े रहते हैं, लेकिन भारतीय टीम ने साफ कर दिया है कि वह इन बातों से दूरी बनाए रखेगी।
टेन डोशेट ने कहा, “हम इतिहास और भावनाओं को समझते हैं, लेकिन हमारा फोकस सिर्फ क्रिकेट पर है। मैदान के बाहर क्या हो रहा है, उससे ज़्यादा ज़रूरी है कि हम मैदान पर कैसा खेल दिखाते हैं।”
उन्होंने यह भी माना कि कोलंबो में हालात आसान नहीं होंगे, खासकर तब जब पाकिस्तान की टीम पिछले कुछ हफ्तों से वहां मौजूद है। फिर भी, भारतीय खेमे का लक्ष्य स्पष्ट है—अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना।
पाकिस्तान के यू-टर्न के साथ अब यह मुकाबला फिर से क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदों के केंद्र में है। और टीम इंडिया के शांत रुख से यह साफ है कि वह सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि दबाव में भी खुद को साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


