अमेठी। अमेठी में तांत्रिक विजय सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने घटना के चौथे दिन सुलझा लिया।पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके निशान दही पर विजय सिंह का सर भी बरामद कर लिया।आरोपियों के साथ पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गड़ासा और एक मारुति बैन भी बरामद किया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही कर रही है।
पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक ने रविवार को बताया कि 8 जनवरी को जायस थाना क्षेत्र के पास विजय सिंह की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर राजन सोनकर उर्फ निरहू,सौरभ सोनकर पुत्र बलराम,प्रदीप पुत्र सूरज लाल,अजय सोनकर पुत्र सोहन लाल निवासी मोहल्ला छोटा गोरियांना जायस जिला अमेठी को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त राजन सोनकर ने बताया कि बाबा विजय सिंह झाड़ फूंक का काम करते थे। लोगों के माध्यम से उसे जानकारी हुई तो वह भी अपनी मां को दिखाकर विजय सिंह से झाड़ फूंक करवाया था। जिसके बदले में उसने कई बार बाबा को रुपए दिया था ।लेकिन आराम न मिलने पर और पैसे की मांग करते थे। जब उसने पैसा देने से मना कर दिया तो उसकी शारीरिक समस्या अधिक बढ़ गई तब उसे लगा कि बाबा को उसने पैसे नहीं दिए तो बाबा ने उस पर भूत छोड़ दिया है।
इसी बात से परेशान होकर उसने अपने साथी सौरभ सोनकर, प्रदीप सोनकर, राजेश सोनकर के साथ मिलकर योजना बनाई कि अगर बाबा को खत्म कर दिया जाए तो समस्या खत्म हो जाएगी। योजना के अनुसार राजन सोनकर ने एक मारुति वाहन भाड़े पर लिया 7 जनवरी को जायस रेलवे स्टेशन के पास राजन की मुलाकात विजय सिंह से हुई तो राजन द्वारा अपनी समस्या बताने पर विजय सिंह ने बताया कि उसे देवा शरीफ चलना पड़ेगा और रुपए भी खर्च होंगे विजय सिंह के साथ देवा शरीफ चलने की बात पर राजन सोनकर तैयार हो गया।
रात्रि करीब 10 बजे चार पहिया वाहन के साथ मिलने की बात कह कर चला गया था। अपने साथियों के साथ बनाई गई योजना के अनुसार एक राय होकर चारों ने मारुति वैन से विजय सिंह को उनकी भांजी के घर से देवा शरीफ चलने के बहाने मोजमगंज के पास खेत में सुनसान जगह ले जाकर विजय सिंह को गाड़ी से उतर कर सौरभ सोनकर ने पड़कर गिरा दिया तथा अजय सोनकर व प्रदीप सोनकर ने पैर पकड़ लिया। उसके बाद सौरभ ने हाथ व सिर अपने दबा दिया था।
राजन सोनकर ने पहले से गाड़ी में रखे गड़ासे से गर्दन पर वार कर सर अलग कर दिया था। मृतक की पहचान छुपाने के लिए धड़ को नाले के पास फेंक दिया था सर को एक बोरी में ईंट के साथ भरकर तालाब के पास स्थित एक पुराने कुएं में डाल दिया था।
अभियुक्तों की निशान देही पर तालाब के पास से जूट के बोरे में ईंट के साथ भरा हुआ मृतक का सिर, मारुति वैन संख्या यूपी 33 ए w 7364 से घटना में प्रयुक्त गड़ासा मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, ताबीज, मृतक व उसकी पत्नी की फोटो लाल व काले रंग का धागा आदि बरामद हुआ है।



