बीकानेर। भारतीय नमकीन उद्योग के दिग्गज उद्योगपति और देश विदेश में विख्यात बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संचालक शिवरतन अग्रवाल उर्फ फन्ना बाबू का चेन्नई में गुरुवार को निधन हो गया।
अग्रवाल के निधन की खबर से नमकीन उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और बीकानेर सहित राजस्थान में में शोक छा गया। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
उनके निधन पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शोक जताया है। पूर्व मंत्री डा बीडी कल्ला, देवी सिंह भाटी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
दिवंगत शिवरतन अग्रवाल ने बीकानेर के नमकीन व्यवसाय को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। वह जाने माने उद्योगपति हल्दीराम परिवार से ताल्लुक रखते थे। वर्ष 1986 में पारिवारिक बंटवारे के बाद उन्होंने अपनी अलग राह चुनी।
उन्होंने शिवदीप फूड्स के नाम से अपनी कम्पनी शुरु की और कुछ ही समय में देश विदेश में उनके उत्पादों ने पहचान बना ली। उन्होंने बीकानेर के संस्थापक राव बीका के नाम पर उन्होंने अपने ब्रांड का नाम बीकाजी रखा ताकि दुनिया भर में बीकानेर की पहचान बन सके। आधिकारिक तौर पर 1993 में बीकाजी ब्रांड की नींव रखी गई, जो आज दुनिया के प्रमुख नमकीन ब्रांड्स में से एक है।
शिक्षा के क्षेत्र में केवल आठवीं पास होने के बावजूद शिवरतन अग्रवाल की सोच आधुनिक थी। उस दौर में भुजिया केवल हाथों से बनाई जाती थी। श्री अग्रवाल ने विदेशों की यात्रा की और भुजिया बनाने की तकनीक को मशीनीकृत करने का साहस दिखाया।
बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया का उत्पादन शुरू किया। इस नवाचार ने न केवल उत्पादन की क्षमता बढ़ी, बल्कि गुणवत्ता के अंतरराष्ट्रीय मानकों को भी पूरा किया। वर्तमान में बीकाजी के उत्पाद भुजिया, पापड़, मिठाई और नमकीन दुनिया के 50 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं।
अग्रवाल ने एक छोटे से शहर की नमकीन को वैश्विक पहचान दिलाई। उनके निधन को व्यापारिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके पीछे भरा-पूरा परिवार और एक विशाल खाद्य साम्राज्य है,जो भारतीय स्वाद की विरासत को आगे बढ़ा रहा है। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल की ओर से व्यापारियों से शुक्रवार को आधे दिन अपने प्रतिष्ठान एवं औद्योगिक क्षेत्र बंद रखने की आग्रह किया गया है।



