ममता बनर्जी ने अपने हलफनामे में कोई अचल संपत्ति घोषित नहीं की

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अपने चुनावी हलफनामे में उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं होने और लगभग 75,000 रुपए नकदी के साथ ही दो बैंक खातों में 12 लाख रुपए से कुछ ज़्यादा जमा होने की घोषणा की हैं। बनर्जी ने आज भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया।

बनर्जी के चुनावी हलफनामे के अनुसार पांच साल पहले की तुलना में उनकी कुल संपत्ति में कमी आई है। उन्होंने अपने पास 75,700 रुपए नकद और दो बैंक खातों में 12,76,209 रुपए जमा होने की घोषणा की है, जिससे उनकी कुल चल संपत्ति 15,37,509 रुपए हो गई है।

हलफनामे में मुख्यमंत्री के नाम पर कोई घर, वाहन या कोई अचल संपत्ति पंजीकृत नहीं है, और उन्होंने अपनी देनदारियां भी शून्य घोषित की हैं। इसकी तुलना में उनके 2021 के हलफनामे में उनके पास 69,255 रुपए नकद और बैंक जमा के रूप में 13,53,356 रुपए दिखाए गए थे, साथ ही नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में 18,490 रुपए का निवेश भी दिखाया गया था। उस समय उनकी कुल चल संपत्ति 16,72,352 रुपए थी, जो पांच वर्षों में 1,34,843 रुपए की गिरावट को दर्शाता है।

हालांकि, उनके सोने के गहनों का मूल्य, जिनका वज़न 9 ग्राम और 750 मिलीग्राम है, 2021 में 43,837 रुपये से बढ़कर अब 1.45 लाख रुपए हो गया है। साल 2021 की घोषणा के अनुसार बनर्जी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है; उनके खिलाफ कभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है और न ही किसी मामले में उन पर कोई आरोप तय किया गया है।

हलफनामे से पता चलता है कि बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं। साल 2021 में नंदीग्राम में हार के बाद बनर्जी भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापस लौटीं। यह सीट शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने खाली की थी, जिन्होंने बाद में खरदह से जीत हासिल की।

बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं, जबकि चट्टोपाध्याय को बालीगंज से मैदान में उतारा गया है। इस मुकाबले में बनर्जी और अधिकारी के बीच एक बार फिर आमना-सामना होने की उम्मीद है। भाजपा ने उन्हें नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से उम्मीदवार बनाया है। अधिकारी ने अपना नामांकन पहले ही दाखिल कर दिया था।

बनर्जी ने अपने पेशे के तौर पर राजनीति और समाज सेवा को बताया है, और उनकी आय के स्रोतों में रॉयल्टी और बैंक से मिलने वाला ब्याज शामिल है।
हलफनामे के अनुसार उन्होंने 1970 में देशबंधु शिशु शिक्षालय से सेकेंडरी परीक्षा पास की, 1974 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के जोगमाया देवी कॉलेज से स्नातक किया, 1977 में उसी विश्वविद्यालय से एमए किया, और 1982 में जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल की।