कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस को बुधवार को उस समय एक और झटका लगा जब पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दिए जाने की घोषणा की।
कटवा के पूर्व विधायक रवींद्रनाथ चटर्जी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व-वर्धमान जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य को भेजा है। अभी हालांकि उनके इस्तीफे स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक सत्तर की उम्र पार कर चुके इस दिग्गज नेता ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जिम्मेदारी से मुक्ति मांगी है। रवींद्रनाथ वर्ष 2021 से लगातार तीन बार पूर्व वर्धमान के जिला अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने चंद्रिमा भट्टाचार्य को भेजे ईमेल में कहा है कि वे अब इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद की जिम्मेदारियां संभालने में शारीरिक रूप से असमर्थ हैं। उन्होंने अपने इस पत्र को ही इस्तीफा मानने का अनुरोध किया है।
कटवा से छह बार विधायक रहे और क्षेत्र के बड़े नेता रवींद्रनाथ ने वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव तृणमूल के टिकट पर लड़ा था। इस चुनाव में वे भाजपा उम्मीदवार कृष्ण घोष से 35,000 से अधिक वोटों से हार गए थे।
इसी बीच खड़गपुर सदर के पूर्व विधायक एवं पार्षद प्रदीप सरकार ने तृणमूल कांग्रेस से संबंध तोड़ने के फैसले की घोषणा की है। उनका यह कदम पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें जिला महासचिव नियुक्त किए जाने के ठीक एक दिन बाद आया है।
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया और पार्टी की सदस्यता से भी मुक्ति मांगी है। उन्होंने हालांकि साफ किया कि पार्षद पद से इस्तीफा नहीं दिया है और वह इस पद पर रहकर जनता की सेवा करते रहेंगे।
प्रदीप इससे पहले तृणमूल के टिकट पर खड़गपुर सदर सीट से चुनाव जीत चुके थे। पार्टी ने वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया था, जहां वे भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष से हार गए।
प्रदीप ने हालांकि इस पर कोई भी सीधा दावा करने से परहेज किया है। उन्होंने कहा कि वे अपने परिवार के सदस्यों और करीबी करीबियों से चर्चा करने के बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगे।



