अमरीकी हमलों की दूसरी रात के बाद ईरानी नेतृत्व ने ट्रंप को चेताया, हमला करोगे तो जवाब मिलेगा

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तेहरान। अमरीका और ईरान के बीच लगातार दूसरी रात हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान का दायरा होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़ाते हुए ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर चाबहार तक कर दिया है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने नवीनतम अमरीकी हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत स्थित अमरीकी प्रतिष्ठानों और अवसंरचनाओं पर संयुक्त मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए हैं। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि यदि अमरीका ने हमले जारी रखे तो क्षेत्र में अन्य अमरीकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा।

ईरानी संसद के अध्यक्ष एवं देश के प्रभावशाली नेताओं में शामिल मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप हमला करेंगे, तो आपको भी जवाबी हमला झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमरीका ने अब तक यह नहीं सीखा है कि धौंस और वादाखिलाफी की अब कीमत चुकानी पड़ती है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अमरीका को हमलों के लिए अपने क्षेत्र, सैन्य अड्डों या अवसंरचना के इस्तेमाल की अनुमति देने वाला कोई भी नाटो देश ईरान के खिलाफ कथित अकारण आक्रमण और उसके परिणामों के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

इससे एक दिन पहले नाटो महासचिव मार्क रूटे ने अमरीकी हमलों को पूरी तरह आवश्यक करार दिया था। बघाई ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए उन पर युद्ध में जानबूझकर मिलीभगत करने का आरोप लगाया।

युद्धविराम टूटने के ट्रंप के एलान बाद अमरीका ने पहली बार ईरान के दक्षिण-पूर्वी रणनीतिक बंदरगाह शहर चाबहार को निशाना बनाया। ओमान की खाड़ी के तट पर होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर स्थित चाबहार ईरान का एकमात्र गहरे पानी वाला समुद्री बंदरगाह है। यह हिंद महासागर का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार होने के साथ भारत के बड़े निवेश का केंद्र भी है, जो दक्षिण एशिया को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ता है।

हमलों के बाद चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ईरानी मीडिया के अनुसार प्रभावित तीन विद्युत लाइनों में से दो को बहाल कर दिया गया है और तीसरी को भी जल्द चालू किए जाने की उम्मीद है।

कोनारक, बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क में भी विस्फोटों की खबरें हैं। सरकारी टेलीविजन के मुताबिक बंदर अब्बास में आठ विस्फोट हुए, जबकि सिरिक और जास्क पर मिसाइल हमले किये गये। अबू मूसा द्वीप पर भी दो मिसाइल गिरने की सूचना है। इस बीच, बुशहर में आईआरजीसी के एक बैरक में आग लग गई।

दूसरी ओर, अमरीकी सेना ने गुरुवार तड़के लगभग 90 ठिकानों पर हमले किए, जबकि इससे पिछली रात करीब 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अधिकांश हमले ईरान के दक्षिणी तट पर केंद्रित रहे, हालांकि कुछ हमले देश के अंदरूनी और उत्तरी क्षेत्रों तक भी पहुंचे।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दो रातों के अमरीकी हमलों में अब तक 14 लोगों की मौत हुई है और 78 अन्य घायल हुए हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने कहा कि घायलों में 47 अभी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। ईरान ने यह भी कहा कि अमरीका ने तेहरान के उत्तर-पूर्व में अक्काला स्थित एक रेलवे पुल को निशाना बनाया।

उधर, ट्रंप ने इस सप्ताह अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि लड़ाई दोबारा शुरू होने के बाद वे अब सत्ता से बाहर हो सकते हैं। उनकी इन टिप्पणियों पर ईरानी नेतृत्व ने कड़ी नाराजगी जताई है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की बयानबाजी की निंदा करते हुए कहा कि ईरानी उनके अपमानजनक शब्दों का जवाब अपने कार्यों से देंगे। अराघची ने एक्स पर लिखा कि ईरान के सभ्य और साहसी राष्ट्र को अपमानजनक भाषा में संबोधित करने से उसकी महानता कम नहीं होती। ईरानी अपनी सभ्यता, संस्कृति और मजबूत नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं। हम अभद्रता का जवाब अभद्रता से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से देते हैं। निर्भय होकर और अदम्य साहस के साथ।

ट्रंप के लगातार दूसरी रात ईरान पर हमले के फैसले के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह नहीं खुलने और नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान वहां से गुजर रहे जहाजों पर ईरानी हमलों को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है।