नसीराबाद कोर्ट से मिला पीडित को न्याय, खाकी की करतूत उजागर

नसीराबाद। मांगलियावास-नसीराबाद सिटी के तत्कालीन थाना अधिकारी घनश्याम मीणा व एएसआई अर्जुन सिंह, तथा नसीराबाद चिकित्सालय में तत्कालीन डॉक्टर विनय कपूर व डॉक्टर ललित डीडवानिया की ओर से एक अपराधिक मामले में दोषियों को निजी लाभ पहुंचाने और धोखाधड़ी व कूटरचित एमएलसी रिपोर्ट/दस्तावेज बनाने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज के निर्देश दिए गए हैं। इन पर अनपढ़ व्यक्ति से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाकर हेरफेर करने का आरोप साथ ही परिवादी को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

गौरतलब है कि तत्कालीन थाना अधिकारी घनश्याम मीणा व एएसआई अर्जुन सिंह के साथ नसीराबाद सामुदायिक चिकित्सालय के डॉक्टर विनय कपूर व डॉक्टर ललित डीडवानिया के खिलाफ नसीराबाद निवासी गिरीश कुमार के एक जानलेवा हमले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

उपरोक्त पुलिस अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों ने दोषियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की नीयत से परिवादी गिरीश जो कि घायल अवस्था में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर में रेफर किया गया था। इसी दरमियान पीछे से चारों आरोपियों ने मिलकर एक फर्जी एमएलसी रिपोर्ट तैयार कर दोषियों को लाभ पहुंचाया।

कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार पीड़ित गिरीश दिनांक 5 अप्रेल 2024 को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय से डिस्चार्ज हुआ, लेकिन इन चारों आरोपियों ने मिलकर दिनांक 2 अप्रेल 2024 को दिन में 12:22 मिनट पर फर्जी एमएलसी तैयार कर दी, जबकि इस दरमियान पीड़ित गिरीश को गंभीर चोटें होने के कारण जेएलएन अस्पताल में सुबह 10:47 पर एडमिट किया गया था।

पीड़ित गिरीश ने अधिवक्ता मुकेश गैना व प्रताप सिंह भाटी के जरिए कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं के तर्कों से सहमत होकर नसीराबाद न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट महावीर सैनी ने तथ्यों वह मौजूद साक्ष्यों से सहमत होते हुए तत्कालीन थाना अधिकारी घनश्याम मीणा, एएसआई अर्जुन सिंह, डॉ विनय कपूर व डॉक्टर ललित डीडवानिया के खिलाफ पुलिस थाना नसीराबाद सिटी को मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान के आदेश दिए।