पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस का इस्तीफा, आरएन रवि होंगे नए राज्यपाल

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कोलकाता। अचानक हुए एक घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया और उनके स्थान पर आरएन रवि को राज्य का नया राज्यपाल बनाया जा रहा है। रवि इस समय तमिलनाडु के राज्यपाल हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस घटनाक्रम से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।

इस फेरबदल के बारे में अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के मुताबिक बोस इस समय नई दिल्ली में हैं और उन्होंने राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपा है। उनके इस्तीफे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई है और कहा है कि उनकी जगह रवि को राज्यपाल बनाया जा रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि केद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से मैं स्तब्ध और बेहद चिंतित हूं। उनके इस्तीफे के पीछे के कारण मुझे इस समय पता नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में स्थापित परंपरा के विपरीत मुझसे कभी परामर्श नहीं किया। ऐसी कार्रवाइयां भारत के संविधान की भावना को कमजोर करती हैं और हमारे संघीय ढांचे की नींव पर प्रहार करती हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र को सहकारी-संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा फैसले लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को नुकसान पहुंचाते हैं। इस बीच राजभवन के सूत्रों ने बताया कि बोस ने इस्तीफा दे दिया है और वह स्वीकार कर लिया गया है। लेकिन बोस ने अभी तक कोई सार्वजनिक वक्तव्य नहीं दिया है।

बोस 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने थे और उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक था। वह राज्यपाल पद पर रहते हुए राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर खुलकर बोलते रहे हैं और राज्य सरकार की कई नीतियों की आलोचना की थी। इसके चलते राजभवन और ममता सरकार के बीच कई बार मतभेद खुल कर सामने आये।

सुश्री बनर्जी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, मुझे आश्चर्य नहीं होगा यदि राज्यपाल पर आगामी विधानसभा चुनावों की पूर्व संध्या पर कुछ राजनीतिक हितों को साधने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) की ओर से दबाव डाला गया हो।