धार स्थित भोजशाला में कड़ी सुरक्षा के बीच मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना

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धार। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला में न्यायालय के आदेश और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की नई गाइडलाइन के तहत आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूजा-अर्चना आयोजित की जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत वर्षभर पूजा की अनुमति मिलने के बाद सुबह से ही भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोज उत्सव समिति के नेतृत्व में श्रद्धालु मां वाग्देवी का तैल चित्र लेकर परिसर पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई।

श्रद्धालुओं ने सनातन परंपरा के अनुसार परिसर का गो-मूत्र से शुद्धीकरण किया। इसके बाद शंखध्वनि और वैदिक मंत्रों के बीच धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। विशेष अवसर पर भोजशाला के गर्भगृह को आकर्षक रंगोलियों से सजाया गया। साथ ही परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर की अखंड ज्योति को भी गर्भगृह में स्थापित किया गया। इस दौरान परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘मां वाग्देवी की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक नृत्य कर उत्साह व्यक्त किया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की संरक्षित इमारत में व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से हाल ही में उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित कर सभी नियमों के पालन की रूपरेखा तैयार की गई थी।

पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर स्थायी पुलिस बल तैनात है तथा पुलिस वाहन लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इलाके की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने अथवा शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।