जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डाॅ किरोड़ी लाल मीणा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रदेश में 1150 करोड़ रुपए का फसल बीमा घोटाला होने की आशंका जतायी है और कहा है कि इसकी जांच कराई जाएगी।
डॉ मीणा शुक्रवार को चूरु जिले के सालासर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) बैंक की शाखा में जाकर किसानों को मिलने वाले फसल बीमा की छानबीन की और उसके बाद मीडिया को बताया कि इस अकेली बैंक शाखा में 71 किसानों की फर्जी केसीसी बीमा धारकों की करीब नौ करोड़ रुपए बनाकर हड़पे जा रहे हैं।
उन्होंने इस शाखा में प्रत्येक किसान का 12 लाख का दावा बनाकर यह घोटाला किया जा रहा है। जिन फर्जी किसानों के नाम पर ये दावे बनाए गए हैं, उनके नाम न तो जमीन हैं न ही कोई गांव का पता है। फर्जी केसीसी के नाम पर यह घोटाला किया जा रहा है, जिसे रुकवाने के लिए वह यहां सालासर एसबीआई बैंक आए हैं।
उन्होंने बताया कि इस तरह के फर्जीवाड़े में 15 हजार किसानों के बीमा की दावा राशि करीब 1150 करोड़ रुपए है, जो पिछले कई वर्षों की हेराफेरी बैंक एवं बीमा माफियाओं ने की है, जो इतनी बड़ी राशि डकारने का मामला है। उन्होंने बताया कि देश की प्रतिष्ठित एसबीआई बैंक में यह मामला सामने आया हैं और इसके अलावा अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी कई बैंकों में भी इस तरह का मामले हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी।
डॉ मीणा ने कहा कि उन्हें लगता हैं कि इसमें बैंककर्मी भी शामिल हैं और बीमा माफिया और कंपनी ने मिलकर सरकार और किसानों का चूना लगा रहे हैं। इसकी जांच कर इस मामले में विभाग की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और वह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलकर इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराने का अनुरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारी सजगता के कारण इस फर्जीवाड़े को हमने बीमा दावे उठाने से पहले ही पकड़ लिया। एसबीआई जैसे अच्छी साख वाले बैंक कर्मी इतने घटिया स्तर का कार्य कर सरकार एवं किसानों को चूना लगा रहे हैं, यह अत्यंत असंतोषजनक हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में गहन जांच कर माफियाओं के गठबंधन को तोड़ा जाएगा।



